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Tata 1mg: टाटा के हाथ में आते ही इस कंपनी की बदली किस्मत, यूनिकॉर्न क्लब में शामिल

Tata 1mg Now A Unicorn : ऑनलाइन फार्मेसी कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2022 में दोगुना से अधिक बढ़कर 627 करोड़ रुपये हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 309 करोड़ रुपये था. हालांकि, इस अवधि में कंपनी का घाटा भी बढ़ा है. यह लगभग 70 फीसदी बढ़कर 526 करोड़ रुपये हो गया.

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1mg यूनिकॉर्न क्लब में शामिल
1mg यूनिकॉर्न क्लब में शामिल

टाटा ग्रुप के नाम एक नई उपलब्धि दर्ज हुई है. दरअसल, टाटा 1mg यूनिकॉर्न क्लब (Unicorn Club) में शामिल हो गई है. कंपनी ने टाटा डिजिटल (Tata Digital) की अगुआई में 4.1 करोड़ करोड़ डॉलर का फंडिंग राउंड पूरा होने के बाद ये मुकाम हासिल किया है. Tata 1mg ने यह फंडिंग ऐसे समय में जुटाई है, जबकि हेल्थटेक कंपनियों को महामारी से जुड़े प्रतिबंध हटाए जाने के बाद डिमांड में कमी की समस्या से जूझना पड़ रहा है. 

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देश में बढ़ रही यूनिकॉर्न की संख्या
देश में यूनिकॉर्न (Unicorn) की संख्या में इजाफा जारी है. इसमें ऑनलाइन फार्मेसी (Online Pharmacy) स्टार्टअप 1mg ने लेटेस्ट एंट्री मारी है. रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन फार्मेसी स्टार्टअप को 4.1 करोड़ डॉलर की यह फंडिंग 1.25 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर हुई है. गौरतलब है कि टाटा डिजिटल (Tata Digital) ने 1mg का पिछले साल जून महीने में अधिग्रहण किया था. तब इस स्टार्टअप की वैल्यूएशन 450 मिलियन डॉलर थी.  

क्या होता है यूनिकॉर्न?
बता दें जिस कंपनी की वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर से ज्यादा हो जाती है, उसे यूनिकॉर्न कहा जाता है. नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, 4.1 करोड़ डॉलर की फंडिंग के अलावा कुछ अन्य मौजूदा निवेशकों ने भी फंडिंग राउंड में हिस्सा लिया. Tata 1mg बोर्ड ने 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले 30,992 इक्विटी शेयर 1,03,046 रुपये प्रति शेयर के प्रीमियम पर अलॉट करने से जुड़ा स्पेशल रिजॉल्यूशन पारित किया है, जिससे ये फंड जुटाया गया है.

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रेवेन्यू बढ़कर दोगुना हुआ
गुरुग्राम स्थित इस कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2022 में दोगुना से अधिक बढ़कर 627 करोड़ रुपये हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 309 करोड़ रुपये था. हालांकि, इस अवधि में कंपनी का घाटा भी बढ़ा है. यह लगभग 70 फीसदी बढ़कर 526 करोड़ रुपये हो गया. टाटा की 1mg के सामने इस सेक्टर में कई प्रतिद्वंदी मौजूद हैं. इनमें भारत की सबसे बड़ी ऑनलाइन फार्मेसी PharmEasy, रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस नेटमेड्स (Netmeds) और अपोलो फार्मेसी (Apollo Pharmacy) शामिल है. 

इस साल 20 फर्मों की इस क्लब में एंट्री 
Tata 1mg के अलावा पिछले महीने ही लॉजिस्टिक्स एग्रीगेटर शिपरॉकेट भी यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुई थी. इस तरह साल 2022 में अब तक भारत की 20वीं कंपनियां यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुई हैं. इस साल यूनिकॉर्न क्लब में प्रवेश करने वाले अन्य भारतीय स्टार्टअप में फ्रैक्टल, लीड, एक्सप्रेसबीज, यूनिफोर, हसुरा, क्रेडएवेन्यू, अमागी, ऑक्सीजो, ओपन, फिजिक्सवाला शामिल हैं. इस तरह इस क्लब में अब टोटल भारतीय यूनिकॉर्न 106 हो गए हैं. 

 

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