टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने अपनी लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी नेक्सॉन (Compact SUV Nexon) के दाम एक बार फिर से बढ़ा दिया है. नेक्सॉन के वैरिएंट (Variant) के दाम 11 हजार रुपये तक बढ़ाए गए हैं. पिछले तीन महीने में नेक्सॉन एसयूवी के दाम 24,500 रुपये तक बढ़ चुके हैं.
अब इतनी हो गई नेक्सॉन की कीमतें
कंपनी की इस बढ़ोतरी के बाद नेक्सॉन (Nexon SUV) की Ex-Showroom कीमत बढ़कर 7.30 लाख रुपये से 13.35 लाख रुपये तक हो गई है. टाटा मोटर्स ने इस बार नेक्सॉन के विभिन्न वैरिएंट के दाम में एक हजार से 11 हजार रुपये की वृद्धि की है. इससे पहले कंपनी ने अगस्त में नेक्सॉन के मॉडलों के दाम में चार हजार से 13,500 रुपये तक की वृद्धि की थी. इस तरह तीन महीने में नेक्सॉन एसयूवी खरीदना 24,500 रुपये तक महंगा हो चुका है.
इन मॉडलों के नहीं बढ़े दाम, बंद हो गए कुछ मॉडल
टाटा मोटर्स ने इस बार नेक्सन के कुछ मॉडलों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है. इनमें XZ+ manual (Diesel/Petrol), XZ+ Petrol, XZA+ Dark Editions और diesel XM (S) trim शामिल हैं. सबसे ज्यादा 11 हजार रुपये diesel XZA+ (O) Dark Edition Nexon model के बढ़ाए गए हैं. नेक्सॉन के XMA, XZ और XZA+ (S) डीजल वैरिएंट अब बंद कर दिए गए हैं.
कमॉडिटीज के भाव बढ़ने से दबाव में ऑटो कंपनियां
ऑटो कंपनियां (Auto Companies) कई धातुओं (Metals) समेत वाहन बनाने में इस्तेमाल होने वाली कमॉडिटीज (Commodities) के भाव बढ़ने के कारण विभिन्न मॉडलों के दाम बढ़ा रही हैं. टाटा मोटर्स के बाद अन्य वाहन कंपनियां भी फिर से दाम बढ़ा सकती हैं. कुछ कंपनियां इसकी तैयारी भी कर रही हैं.
बढ़ सकते हैं Maruti Suzuki की गाड़ियों के दाम
मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) के सीनियर एक्सीक्यूटिव डायरेक्टर (मार्केटिंग एंड सेल्स) शशांक श्रीवास्तव ने इस महीने की शुरुआत में इस बारे में राय दी थी. उन्होंने कहा था कि कमॉडिटीज (Commodities) के दाम रिकॉर्ड उच्च स्तर पर हैं. अभी कंपनी ने इसका पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला है. वाहनों के दाम बढ़ाने के बारे में फैसला करने के लिए कमॉडिटीज की कीमतों पर नजरें रखी जा रही हैं.
MG Motor India भी कर रही तैयारी
एमजी मोटर इंडिया (MG Motor India) के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव चाबा ने इस सप्ताह एक कार्यक्रम में बताया था कि उनकी कंपनी भी दाम बढ़ाने पर विचार कर रही है. चाबा ने साफ बताया कि अभी तक ग्राहकों पर पूरा बोझ नहीं डाला गया है. लेकिन जिस तरह से चीजें चल रही हैं, हम दाम में वृद्धि को बहुत समय तक नहीं टाल सकेंगे.