
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (TCPL) के अधिग्रहण प्रक्रिया से हटने के बाद अब बिसलेरी इंटरनेशनल (Bisleri) के चेयरमैन रमेश चौहान की बेटी जयंती चौहान (Jayanti Chauhan) बोतलबंद पानी कंपनी की कमान संभालेंगी. 42 वर्षीय जयंती चौहान फिलहाल बिसेलरी की चेयरपर्सन हैं. खबरों की मानें, तो जयंती चौहान मुख्य कार्यकारी एंजेलो जॉर्ज के नेतृत्व वाली प्रोफेशनल प्रबंधन टीम के साथ काम करेंगी. 82 वर्षीय रमेश चौहान पहले टाटा समूह को अनुमानित 7,000 करोड़ रुपये में ब्रांड बेचने पर सहमत हुए थे. हालांकि, बाद में टाटा कंज्यूमर इस डील से बाहर निकल गया.
इस ब्रॉन्ड पर रहा है जयंती का फोकस
टाटा कंज्यूमर ने करीब दो साल पहले बिसलेरी के साथ बातचीत शुरू की थी, लेकिन पिछले हफ्ते कंपनी ने बातचीत बंद करने का फैसला किया था. जयंती कई साल से बिसलेरी के कारोबार से जुड़ी हैं. बिसलेरी के पोर्टफोलियो का ब्रॉन्ड वेदिका पर जयंती का चौहान का खास फोकस रहा है. पिछले साल नवंबर में खबर आई थी कि बिसलेरी के मालिक रमेश चौहान (Ramesh Chauhan) इसे बेचना चाहते हैं.
इस वजह से बिक रही थी कंपनी
भारत की सबसे बड़ी पैकेज्ड वाटर कंपनी बिसलेरी (Bisleri) के मालिक 82 वर्षीय रमेश चौहान हैं. पिछले साल जब बिसलेरी की बिकने की खबरें सामने आई थीं, तो कहा गया था कि कंपनी को आगे बढ़ाने या उसे विस्तार देने के लिए चेयरमैन के पास कोई उत्तराधिकारी नहीं है. इस वजह से बिसलेरी बिक रही है. रिपोर्ट में बताया गया था कि रमेश चौहान की बेटी और बिसलेरी की वाइस चेयरपर्सन जयंती (Jayanti) कारोबार को लेकर बहुत उत्सुक नहीं है. जिसके चलते बिसलेरी को बेचने की तैयारी की जा रही है.
जयंती चौहान का करियर
हालांकि, ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, बिसलेरी का कारोबार अब जयंती चौहान संभालेंगी. वो रमेश चौहान की इकलौती बेटी हैं. जयंती चौहान का बचपन दिल्ली, बॉम्बे और न्यूयॉर्क जैसे शहरों में व्यतीत हुआ है. हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने प्रोडक्ट डेवलपमेंट की पढ़ाई करने के लिए फैशन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन एंड मर्चेंडाइजिंग (FIDM) में दाखिला लिया था.
उन्होंने लंदन कॉलेज ऑफ फैशन से फैशन स्टाइलिंग और फोटोग्राफी की भी पढ़ाई भी की है. जयंती चौहान ने लंदन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज (SOAS) से अरबी में भी डिग्री हासिल की है. इसके अलावा जयंती चौहान ने कई प्रमुख फैशन हाउस में इंटर्न के तौर पर काम भी किया है.
इन दिनों एक्टिव हैं जयंती
जयंती ने 24 साल की उम्र में अपने पिता की देखरेख में बिसलेरी के कारोबार को संभालने की शुरुआत कर दी थी. पहले उन्होंने दिल्ली ऑफिस की जिम्मेदारी संभाली थी. यहां पर उन्होंने प्लांट का रिनोवेशन किया और ऑटोमेशन प्रोसेस पर फोकस किया. एक मजबूत टीम के लिए उन्होंने एचआर, सेल्स और मार्केटिंग जैसे डिपार्टमेंट नए सिरे तैयार किया था. इसके बाद जयंती ने साल 2011 में जयंती ने मुंबई ऑफिस के भी कार्यभार को संभाल लिया था. जयंती चौहान पिछले कुछ महीनों में काफी एक्टिव नजर आई हैं. अपने लिंक्डइन प्रोफाइल से उन्होंने लगातार बिसलेरी के हर एक कदम को प्रमोट किया है.
4 लाख रुपये में हुआ था सौदा
साल 1969 में कारोबारी घराने चौहान परिवार के नेतृत्व वाली पारले (Parle) ने बिसलेरी (इंडिया) लिमिटेड को खरीद लिया था. उस समय केवल 4 लाख रुपये में बिसलेरी कंपनी का सौदा हुआ था. 1995 में इसकी कमान रमेश चौहान के हाथों में आई थी. इसके बाद बिसलेरी के कारोबार ने रफ्तार पकड़ी और देश का सबसे फेमस पैक्ज्ड वॉटर बॉटल का ब्रॉन्ड बन गया.