रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की दिसंबर बैठक संपन्न हो चुकी है. इस बैठक में नीतिगत दरों (Policy Rates) को पुराने स्तर पर बनाए रखने का फैसला किया गया है. रिजर्व बैंक का मानना है कि पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में हाल में की गई कटौती (Tax Cut on Diesel Petrol) से डिमांड (Consumption Demand) बढ़ सकती है. यह निर्णय पर्चेजिंग पावर (Purchasing Power) को भी सपोर्ट कर सकता है.
बढ़ेगी समग्र मांग
पेट्रोल और डीजल की कीमतें ज्यादातर जगहों पर 100 रुपये के स्तर के पार चली गई थी. इसके बाद केंद्र सरकार ने पहले एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) कम करने का फैसला किया. इसके बाद राज्य सरकारों ने वैट (VAT) में भी कटौती की. इस बारे में रिजर्व बैंक ने कहा कि यह फैसला उपभोग की मांग को बढ़ा सकता है और पर्चेजिंग पावर को भी तेज कर सकता है. आरबीआई ने कहा कि सरकार का उपभोग भी अगस्त से बढ़ रहा है. यह समग्र मांग (Aggregate Demand) को सपोर्ट कर सकता है.
ओमिक्रॉन के खतरे के चलते लिया निर्णय
एमपीसी की दिसंबर बैठक में रेपो दर (Repo Rate) को चार फीसदी और रिवर्स रेपो दर (Reverse Repo Rate) को 3.35 फीसदी के स्तर पर बरकरार रखा गया है. मई 2020 के बाद से रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron Variant) के चलते अर्थव्यवस्था के सामने आ सकने वाली चुनौतियों को देखते हुए रिजर्व बैंक ने अकोमोडेटिव रुख (Accomodative Stance) को बनाए रखा है. एमपीसी ने पांच बनाम एक के वोट से यह निर्णय लिया.
फीचर फोन से भी होगा यूपीआई पेमेंट
केंद्रीय बैंक ने यह भी बताया कि वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए लिक्विडिटी का प्रबंधन जारी रहेगा. डिजिटल पेमेंट को लेकर आरबीआई ने कहा कि इसपर वसूले जाने वाले चार्जेज के बारे में जल्दी ही Discussion Paper जारी किया जाएगा. फीचर फोन यूज करने वाले लोगों के लिए यूपीआई आधारित पेमेंट सिस्टम लाने की भी जानकारी केंद्रीय बैंक ने दी.
शक्तिकांत दास ने बताया कि RBI ने फिस्कल ईयर 2022 के लिए खुदरा महंगाई दर का टारगेट 5.3% पर बरकरार रखा है. आरबीआई ने रियल GDP ग्रोथ का अनुमान 9.5% बरकरार रखा है. हालांकि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए GDP ग्रोथ के अनुमान को 6.8% से घटाकर 6.6% कर दिया है. इसके अलावा RBI ने चौथी तिमाही में GDP ग्रोथ के अनुमान 6.1% से घटाकर 6% कर दिया है.