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शेयर बाजार में उतरने का एक और मौका, अगले हफ्ते आएगा Tega Industries का IPO

Tega Industries IPO: कंपनी के इस आईपीओ की खास बात है कि इसमें सिर्फ ऑफर फॉर सेल है. इसके जरिए कंपनी के प्रमोटर्स और इंवेस्टर अपनी हिस्सेदारी कम करने का प्रयास कर रहे हैं.

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Tega Industries का आएगा आईपीओ (फाइल फोटो)
Tega Industries का आएगा आईपीओ (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एक से तीन दिसंबर के दौरान खुलेगा आईपीओ
  • इस आईपीओ में सिर्फ ऑफर फोर सेल

मिल लाइनर प्रोडक्ट (Mill Liner Product) बनाने वाली कंपनी टेगा इंडस्ट्रीज ने प्रस्तावित आईपीओ (Tega Industries IPO) को लेकर शेयरों का प्राइस बैंड (Price Band) तय कर दिया है. कंपनी ने आईपीओ के लिए 443-453 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है. इस तरह कंपनी आईपीओ से 619.22 करोड़ रुपये तक जुटा सकती है.

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आईपीओ में सिर्फ ऑफर फॉर सेल

टेगा इंडस्ट्रीज के इस आईपीओ की खास बात है कि इसमें सिर्फ ऑफर फॉर सेल (OFS) ही खुली बिक्री पेशकश शामिल है. इस आईपीओ में कंपनी के प्रमोटर्स समेत मौजूदा शेयरधारकों के 1,36,69,478 इक्विटी शेयरों की बिक्री की पेशकश की जाने वाली है. कंपनी के प्रमोटर्स मोहन मोहनका (Mohan Mohanka) और मनीष मोहनका (Manish Mohanka) के साथ इन्वेस्टर वैगनर (Wagner) अपनी हिस्सेदारियां कम करने वाले हैं.

इतने पैसे लगा सकेंगे छोटे निवेशक 

Tega Industries का आईपीओ एक दिसंबर को खुलेगा और तीन दिसंबर को बंद होगा. इस दौरान इन्वेस्टर 33 इक्विटी शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं. रिटेल इन्वेस्टर (Retail Investor) प्रति लॉट न्यूनतम 14,949 रुपये और अधिकतम 13 लॉट के लिए 1,94,337 रुपये लगा सकेंगे. एक्सिस कैपिटल (Axis Capital) और जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) इस आईपीओ के लीड मैनेजर हैं.

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भारत से बाहर है कंपनी का ज्यादातर कारोबार

उल्लेखनीय है कि टेगा इंडस्ट्रीज के पास कुल छह विनिर्माण संयंत्र (Manufacturing Plant) हैं. इनमें से तीन प्लांट भारत में हैं, जबकि तीन अन्य प्लांट चिली (Chile), दक्षिण अफ्रीका (South Africa) और ऑस्ट्रेलिया (Australia) में हैं. कंपनी का ज्यादातर कारोबार भारत से बाहर ही है. वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी के कुल राजस्व में उत्तरी अमेरिका (North America), दक्षिणी अमेरिका (South America), यूरोप (Europe), पश्चिम एशिया (Middle East), रूस (Russia), अफ्रीका (Africa) और एशिया प्रशांत (Asia Pacific) के बाजारों ने 86.42 फीसदी योगदान दिया था.

 

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