उत्तर प्रदेश सरकार को 500 करोड़ रुपये के निवेश के नए प्रस्ताव मिले हैं. इसके तहत वाराणसी में करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से स्पिरिचुअल हॉलिडे होम बनाने का भी प्रस्ताव है.
प्रवासी भारतीयों की 150 से ज़्यादा देशों में मौजूद संस्था पीआईओ चैंबर ऑफ कॉमर्स की ग्लोबल वेबिनार में प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना को ये प्रस्ताव हासिल हुए. इसमें नोएडा अथॉरिटी के चेयरमैन आलोक टंडन और औद्योगिक विकास विभाग के एडिशनल चीफ़ सेक्रेटरी आलोक कुमार ने भी विदेशी निवेशकों से बात की.
निवेशकों को सुविधाएं देने को तैयार है यूपी
वेबिनार में कनाडा, अमेरिका, यूके, यूरोप, अफ़्रीका, सिंगापुर व ऑस्ट्रेलिया के निवेशकों को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी की वजह से ही विश्व में भारत का सम्मान बढ़ा है. इस कारण विदेशी निवेशक उत्तर प्रदेश में भी कारोबार के लिए आकर्षित हो रहे हैं. उन्होने कहा हम निवेशकों को संसाधन, सुविधाएं और सुरक्षा देने के लिए तैयार हैं.'
इस वेबिनार के द्वारा कनाडा, अमेरिका, यूके, यूरोप, अफ़्रीका, सिंगापुर, हांगकांग व ऑस्ट्रेलिया के निवेशकों ने उद्योग मंत्री महाना से उत्तर प्रदेश में निवेश की रुचि दिखाई.
कौन-कौन से निवेश प्रस्ताव
स्पिरिचुअल होम की जरूरत क्यों
इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ साउथ अफ्रीका के प्रेसिडेंट अमित मोरे ने बताया कि साउथ अफ़्रीका में भारतीय मूल के क़रीब 15 लाख लोग हैं जिनमें 60 प्रतिशत तमिल व बाक़ी तेलुगु, हिन्दी व गुजराती भाषी हैं. इनमें से 50 हजार लोग हर वर्ष भारत आते हैं. स्वाभाविक रूप से भारत की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी से सभी का गहरा लगाव है. विदेशों में हॉलिडे रिजॉर्ट की तर्ज़ पर उन्होने वाराणसी में स्प्रिचुअल हॉलिडे होम बनाने का प्रस्ताव दिया.
उन्होने कहा उत्तर प्रदेश सरकार सहयोग करे तो दक्षिण अफ्रीका के समृद्ध प्रवासी भारतीय पहले चरण में ही सरलता से ढाई सौ करोड़ से ज़्यादा का निवेश यहां कर सकते हैं.
वैंकूवर कनाडा के चार्टर्ड अकाउंटेंट विजय गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले में भी शिक्षा के क्षेत्र में निवेश का प्रस्ताव दिया. यूरोप की सेजल कोठारी व जूली देसाई ने उत्तर प्रदेश में टेक्नोलॉजी हब बनाने का प्रस्ताव दिया.
150 से ज़्यादा देशों में मौजूद संस्था पीआईओ चैंबर ऑफ कॉमर्स के उत्तर प्रदेश संयोजक मनीष खेमका ने प्रवासी भारतीयों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा, 'योगी सरकार ने चार लाख करोड़ रुपयों से ज़्यादा के एमओयू साइन किये थे. इसमें से करीब दो लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर काम शुरू भी हो चुका है. हमारे समृद्ध प्रवासी भारतीय इन अनुकूल परिस्थितियों का लाभ उठा कर न केवल अपना बल्कि देश का विकास भी कर सकते हैं.'