अमेरिका ने चीन पर टैरिफ (US-China Tariff) लगाने का ऐलान किया है, जो 2 अप्रैल यानी बुधवार से प्रभावी हो रहा है. ऐसे में चीन ने टैरिफ से बचने के लिए भारत की ओर कदम बढ़ाया है. चीन ने कहा है कि वह भारत के सबसे ज्यादा प्रोडक्ट्स का आयात करेगा.
नई दिल्ली में बीजिंग के राजदूत के अनुसार, चीन ने कहा कि वह अधिक भारतीय उत्पादों का आयात करने और व्यापार सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है. यह घोषणा बुधवार को लागू होने वाले अमेरिकी टैरिफ (US Tariff) से पहले की गई है. दोनों एशियाई पड़ोसी 2020 में अपने बॉर्डर पर संघर्ष (India-China Border) के बाद अपने संबंधों को फिर से बनाने का प्रयास कर रहे हैं.
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संदेश दिया कि चीन और भारत को और अधिक निकटता से सहयोग करना चाहिए. भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने ग्लोबल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 'हम व्यापार और अन्य सेक्टर में व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करने और चीनी बाजार के लिए उपयुक्त अधिक भारतीय उत्पादों का आयात करने के लिए भारतीय पक्ष के साथ काम करने के इच्छुक हैं.'
चीनी राजदूत ने क्या कहा?
शू फेइहोंग ने भारतीय कारोबार का चीन (India-China Business) में अवसरों का पता लगाने और चीन के विकास के लाभों को शेयर करने का भी स्वागत किया. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत चीनी कंपनियों (India China Companies) के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी कारोबारी माहौल तैयार करेगा, ताकि पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को और बढ़ाया जा सके.
जल्द व्यापार के लिए होंगी चर्चा
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी की शुरुआत में भारत और चीन ने लगभग पांच साल बाद सीधी हवाई सेवाएं फिर से शुरू करने पर सहमति जताई थी, जिसका उद्देश्य व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर मतभेदों को सुलझाना था. यह घटना भारत के टॉप राजनयिक विक्रम मिस्री और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बीजिंग में हुई बैठक के बाद हुआ. भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष जल्द ही उड़ानों को फिर से शुरू करने के लिए एक रूपरेखा पर बातचीत करेंगे. चीन के विदेश मंत्रालय ने फिर से शुरू होने की पुष्टि की और पारस्परिक समर्थन और पारस्परिक उपलब्धि के महत्व पर जोर दिया.
भारत और चीन के बीच बढ़ रहा कारोबार
पिछले वित्त वर्ष में भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार (India-China Trade) 4 प्रतिशत बढ़कर 118.40 अरब डॉलर हो गया, जिसमें मुख्य रूप से चीन से भारतीय आयात शामिल है. भारत ने 2020 के सीमा संघर्ष के बाद देश में चीनी निवेश पर प्रतिबंध लगा दिए थे और अभी तक इन बाधाओं को नहीं हटाया है. इस बीच, भारत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए टैरिफ कम करने पर काम कर रहा है, जिन्होंने टैरिफ नीतियों के लिए देश की आलोचना की थी. दोनों देशों ने एक शुरुआती व्यापार समझौते को सुरक्षित करने और अपने टैरिफ विवादों को हल करने के लिए चर्चा शुरू की है.