अक्सर जब भी हम देश की सबसे पुरानी कंपनियों के बारे में बात करते हैं, तो हमें Tata, Birla, Bajaj और Mahindra जैसे घरानों का ध्यान आता है. इन सभी ने देश की आजादी मिलने से पहले कारोबार शुरू किया, लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे कारोबारी समूह के बारे में जिसका इतिहास 286 वर्ष पुराना है. तो चलिए गोता लगाते हैं इतिहास की इस अनोखी यात्रा में...
1736 में जहाज बनाने से शुरू हुआ सफर
देश में वाडिया समूह (The Wadia Group History) ने 1736 में काम करना शुरू था. लोएजी नुसेरवानजी वाडिया (Loeji Nusserwanjee Wadia) ने उस दौर में जहाज बनाने (Shipyard Company) की शुरुआत की, जो ब्रिटिश सेना के लिए जहाज बनाया करती थी. इस कंपनी ने अगले 150 साल में करीब 350 जहाज तैयार किए.
इसके बाद वाडिया ग्रुप ने 1863 में ट्रेडिंग का काम शुरू किया. समूह ने बॉम्बे बुरमाह ट्रेडिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (BBTCL) की शुरुआत की. पहले ये कंपनी टीक की लकड़ी की ट्रेडिंग करती थी, फिर इस कैटेगरी में चाय, कॉफी और अन्य सामान जुड़ते चले गए.
घर-घर बिछती है Bombay Dyeing की चादर
चादरों और तौलियों का ब्रांड Bombay Dyeing आज घर-घर की पहचान है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस टेक्सटाइल कंपनी ने 1879 में देश में कारोबार शुरू किया. देश में तब मशीन से बने कपड़ों का व्यापार फल-फूल रहा था. वाडिया समूह के नौरोजी वाडिया (Nowrojee Nusserwanjee Wadia) ने टेक्सटाइल का बिजनेस शुरू किया और इसके बाद समूह ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
आपके हमारे नाश्ते का हिस्सा है Britannia
FMCG और डेयरी कंपनी Britannia आपके हमारे नाश्ते की प्लेट का हिस्सा है. वाडिया समूह की इस कंपनी ने यूं तो 1892 में कोलकाता में महज 295 रुपये के निवेश से काम करना शुरू किया. तब कंपनी सिर्फ बिस्किट बनाने का काम करती थी. 1918 में ये एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनी. बाद में कई हाथों से होते हुए ये 1990 के दशक में वाडिया समूह का हिस्सा बनी. आजादी के बाद देश में पहली ब्रेड और फिर Good Day जैसा ब्रांड खड़ा करने वाली ये कंपनी शेयर बाजार में लिस्टेड सबसे पुरानी कंपनियों में से एक है.
एयरलाइंस से लेकर IPL टीम तक
वाडिया समूह को मौजूदा ऊंचाई तक ले जाने में इसके मौजूदा चेयरमैन नुस्ली वाडिया का अहम स्थान है. उन्होंने महज 26 साल की उम्र में कंपनी की बागडोर संभाली. 1980 के दशक में जब उनके पिता ने Bombay Dyeing को बेचने का प्लान बना लिया, तब उन्होंने इसे बचाया और बाद में 1977 में वह कंपनी के चेयरमैन बन गए.
अभी उनके बेटे नेस वाडिया (Ness Wadia) कंपनी की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हैं. वाडिया समूह को अलग-अलग बिजनेस करने वाली कंपनी बनाने में उनकी भूमिका रही है. Go Air को शुरू करने और Britannia को समूह का हिस्सा बनाने में उन्होंने अहम योगदान दिया. GoAir अब Go First बन चुकी है. इसके अलावा उन्होंने फिल्म अभिनेत्री प्रीति जिंटा के साथ मिलकर 2008 में IPL की टीम Punjab Kings XI भी बनाई.
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