देश की सबसे बड़ी पैकेज्ड वाटर कंपनी बिसलेरी (Bisleri) बीते कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में है. पहले टाटा ग्रुप की Tata Consumer Services के साथ डील और इसके टूटने की खबरें चर्चा में रहीं. वहीं इसके बाद 7000 करोड़ रुपये की इस कंपनी के उत्तराधिकारी पर पेंच फंसा रहा. टाटा से डील टूटने के बाद कहा जा रहा था कि कंपनी के मालिक रमेश चौहान की बेटी जयंती चौहान (Jayanti Chauhan) इसे संभालने के लिए राजी हो गई हैं, लेकिन मंगलवार को खबर आई कि जयंती की जगह बिसलेरी की बागडोर अब सीईओ एंजेलो जॉर्ज के हाथ में दी गई है. आइए जानते हैं कौन हैं Angelo George?
बिसलेरी इंटरनेशनल के सीईओ हैं एंजेलो
एंजेलो जॉर्ज (Angelo George) बिसलेरी इंटरनेशनल के सीईओ हैं. एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मास्युटिकल सेक्टर की बड़ी कंपनियों में करीब तीन दशक काम करने का अनुभव रखने वाले एंजेलो साल 2019 में बिसलेरी के साथ जुड़े थे. चेन्नई से ताल्लुक रखने वाले बिसलेरी के सीईओ ने वहां के क्रिश्चियन कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है और इसके बाद बेंगलुरु यूनिवर्सिटी से पीजीडीएम किया है. इसके साथ ही एंजेलो ने ISB Hyd और शिकागो के Kellogg School of Management से एडवांस्ड ग्लोबल मैनेजमेंट प्रोग्राम भी किया है.
इन कंपनियों में निभाई अहम जिम्मेदारी
एंजेलो जॉर्ज के करियर पर नजर डालें तो उन्होंने कार्डिएक और डायबिटीज रिसर्च के क्षेत्र में बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनी Boehringer - knoll के साथ काम करना शुरू किया था. इसके बाद उनका अगला पड़ाव हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Uniliver) रहा, जहां उन्होंने करीब 20 साल बिताए और सेल्स से लेकर ट्रेड मार्केटिंग सेक्शन में बड़ी जिम्मेदारियां संभाली. इस दौरान वे कंपनी में कई अहम पदों पर पदस्थ रहे.
वाटर मार्केट में बिसलेरी की 31% हिस्सेदारी
हिंदुस्तान यूनिलीवर में लंबा समय बिताने के बाद Angelo George इमामी लिमिटेड के साथ जुड़े और यहा पर चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के तौर पर काम किया. इसके बाद साल 2019 के जून महीने में एंजेलो ने बिसलेरी इंटरनेशनल (Bisleri International) के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की और अभी तक इससे जुड़े हुए हैं.
अब उन्हें भारत के पैकेज्ड वाटर मार्केट में करीब 31 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाली बिसलेरी की पूरी कमान सौंपी गई है. भारत में बोतलबंद पानी का मार्केट साल 2021 में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का था. इसमें बिसलेरी की हिस्सेदारी करीब चार से पांच हजार करोड़ रुपये के आसपास आंकी गई थी.
देश में बिसलेरी के 122 ऑपरेशनल प्लांट
1969 से कंपनी की बागडोर अपने हाथों में लेकर इसे नए मुकाम पर ले जाने वाले 82 वर्षीय रमेश चौहान (Ramesh Chauhan) ने बढ़ती उम्र और उत्तराधिकारी की कमी के कारण बीते साल इसे बेचने का फैसला किया था और टाटा ग्रुप (Tata Group) के साथ डील की थी. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी बेटी जयंती चौहान की कारोबार में दिलचस्पी नहीं है. वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, देश भर में बिसलेरी के 122 से अधिक ऑपरेशनल प्लांट मौजूद हैं, जबकि पूरे भारत में लगभग 5,000 ट्रकों के साथ 4,500 से अधिक इसका डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क है.
रमेश चौहान की पहली पसंद बेटी
Ramesh Chauhan अपनी इकलौती बेटी जयंती को ही बिसलेरी की कमान सौंपना चाहते थे. इस मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि जयंती की अनिच्छा के कारण उन्होंने अब सीईओ एंजेलो जॉर्ज को अपने नियंत्रण सौंपने का फैसला लिया है. बिजनेस टुडे के मुताबिक, Bisleri को चलाने की जिम्मेदारी संभालने को लेकर रमेश चौहान और जयंती चौहान के बीच मतभेद की बातें सामने आई हैं. बेटी की कारोबार संभालने की इच्छा न होने के चलते अब रमेश चौहान ने एंजेलो को कंपनी के प्रबंधन का प्रभार सौंप दिया है. यह कदम पूर्व नियोजित (Pre-Planned) नहीं था, यानी ये फैसला अचानक से लेना पड़ा है.