सोमवार को अचानक से अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट आई. टेक कंपनियों वाली इंडेक्स नैस्डैक 3 फीसदी से ज्यादा टूट गया. वहीं अमेरिया या पूरी दुनिया की सबसे बड़ी टेक फर्म NVIDIA के वैल्यूवेशन में 6000 अरब डॉलर का नुकसान हुआ यानी एक झटके में करीब 50 लाख करोड़ रुपये. इसी तरह, डेल, माइक्रोसॉफ्ट और अन्य कंपनियों के भी मार्केट कैप में भारी गिरावट देखने को मिली. इतना ही नहीं दुनिया के 500 सबसे रईस व्यक्तियों की नेटवर्थ में भी भारी नुकसान हुआ. जब इन सभी चीजों का कारण सामने आया, तो वह सिर्फ एक चीनी ऐप था, जिसका नाम DeepSeek है.
DeepSeek ने एक ही दिन में दुनिया को हिलाकर रख दिया और यह दुनिया में पॉपुलर होता जा रहा है. दरअसल, DeepSeek की चर्चा इतनी ज्यादा इसलिए हो रही है, क्योंकि इसने AI की दुनिया में क्रांति ला दी है.
इसे ChatGPT, OpenAI और गूगल जेमिनी के विकल्प के तौर देखा जा रहा है. चूकि अमेरिकी AI सर्विस प्रोवाइड कराने वाली कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म के यूज के लिए चार्ज करती हैं, वहीं DeepSeek ने पूरी तरह फ्री में सर्विस दे रहा है. जिस कारण इसकी पॉपूलर्टी और बढ़ गई. यह एक AI मॉडल है, जिसे चीन के एक स्टार्टअप द्वारा बनाया गया है.
किसने बनाया है DeepSeek R1?
DeepSeek R1 एक एआई मॉडल है, जो अपनी सभी सर्विस फ्री में प्रोवाइड करा रहा है. डीपसीक को 39 साल के बिजनेसमैन लियांग वेनफेंग (Liang Wenfeng) ने बनाया है. इनके स्टार्टअप का नाम डीपसीक है, जो 20 महीने पुराना स्टार्टअप है.
इससे पहले लियांग ने जुलाई 2024 में एक कार्यक्रम में कहा था OpenAI को लेकर कहा था कि यह कोई भगवान नहीं है और हमेशा सबसे आगे नहीं रह सकता और आज उन्होंने इसको साबित भी कर दिया है.
DeepSeek के फाउंडर और सीईओ लियांग वेनफेंग चीन के झानजियांग में एक सिंपल फैमिली में पैदा हुए. उनके पिता एक प्राइमरी स्कूल टीचर थे. छोटी उम्र से ही वह मुश्किल समस्याओं को हल करने में रुचि रखते थे. लियांग की शुरुआती पढ़ाई साधारण स्कूलों में हुई, लेकिन बाद में उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में गहरी पकड़ बनाई. उन्होंने 2013 में हांग्जो याकेबी इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट और 2015 में झेजियांग जियुझांग एसेट मैनेजमेंट की स्थापना की.
इसके बाद 2019 में उन्होंने हाई-फ्लायर AI लॉन्च किया, जो 10 अरब युआन से ज्यादा की संपत्ति को मैनेज करने वाला वेंचर था. लेकिन असली धमाका 2023 में हुआ, जब उन्होंने DeepSeek की नींव रखी और अब इन्होंने डीपसीक आर1 लॉन्च करके तहलका मचा दिया है.
कैसे बना DeepSeek?
डीपसीक को बनाने के पीछे कोई संयोग नहीं था, बल्कि एक प्लानिंग के तहत इसे बनाया गया. अक्टूबर 2022 में, अमेरिकी एक्सपोर्ट कंट्रोलर्स ने Nvidia के H100 जैसे अत्याधुनिक चिप्स तक चीन की पहुंच को सीमित कर दिया. पीछे हटने के बजाय, लियांग और उनकी टीम ने अपनी सरलता का लाभ उठाया, अपने मॉडल आर्किटेक्चर को नवीन तकनीकों के साथ डीपसीक जैसी चीज डेवलप कर दी.
फर्म ने 10,000 H100 के स्टोर्स के साथ शुरुआत की थी, लेकिन ओपनएआई और मेटा जैसी फर्मों के साथ कंपीट करने के लिए इसे और अधिक की आवश्यकता थी. इसके बाद लियांग ने चीन में उपलब्ध पुराने और सस्ते H800 GPUs का इस्तेमाल किया. उन्होंने करीब 50,000 H800 GPUs खरीदे और उनसे DeepSeek को ट्रेन किया.
कितनी है नेटवर्थ?
डीपसीक के फाउंडर लियांग की नेटवर्थ के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन केमिकल सिटी पेपर वेबसाइट के मुताबिक, 39 साल के लियांग की नेटवर्थ 3.2 बिलियन डॉलर (करीब 28 हजार करोड़ रुपये) है.