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'आप हमारे साथ अच्‍छा नहीं कर रहे हैं...' PM मोदी से बोले डोनाल्‍ड ट्रंप, फिर लगा दिया 27% टैरिफ!

ट्रंप ने भारत पर 27 फीसदी टैरिफ लगया है, जो तत्‍काल प्रभाव से लागू होगा. जिस कारण आज दुनिया भर के शेयर बाजारों में हडकंप मचा हुआ है. सबसे ज्‍यादा जापान में गिरावट देखी जा रही है. वहीं चीन में भी हैवी गिरावट की संभावना है.

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Prime Minister Narendra Modi with US President Donald Trump. (Photo: Reuters)
Prime Minister Narendra Modi with US President Donald Trump. (Photo: Reuters)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  (Donald Trump) ने देर रात दुनिया के तमाम देशों के लिए टैरिफ का ऐलान किया. ट्रंप ने भारत समेत दुनिया चीन, कनाडा, मैक्सिको, पाकिस्‍तान और जापान जैसे देशों पर भारी टैरिफ लगया है. इसे डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) का नाम दिया गया है. टैरिफ का ऐलान करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह अमेरिका के लिए 'मुक्ति दिवस' है, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. 

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ट्रंप ने भारत पर 27 फीसदी टैरिफ लगया है, जो तत्‍काल प्रभाव से लागू होगा. जिस कारण आज दुनिया भर के शेयर बाजारों में हडकंप मचा हुआ है. सबसे ज्‍यादा जापान में गिरावट देखी जा रही है. वहीं चीन में भी हैवी गिरावट की संभावना है. भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) के भी गैप डाउन पर खुलने की आशंका है. ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाते हुए यह भी बताया कि भारत पर वह क्‍यों 26% टैरिफ लगा रहे हैं? 

भारत पर क्‍यों 27% टैरिफ? 
व्‍हाइट हाउस से रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) का ऐलान करते हुए अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के दौरे का भी जिक्र किया. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल में ही अमेरिका आए थे. वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं. लेकिन, इस दौरे के दौरान मैंने प्रधानमंत्री मोदी को कहा कि आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं. भारत हमेशा अमेरिका से 52 फीसदी टैरिफ वसूलता है. इसलिए हम उनसे आधा 27 फीसदी टैरिफ लेंगे.'

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भारत पर क्‍या होगा असर? 
अगर SBI की एक रिपोर्ट की माने तो भारत को इस टैरिफ से बहुत अधिक नुकसान नहीं होगा. भारत के निर्यात में 3-3.5% तक की गिरावट हो सकती है. निर्माण और सेवा क्षेत्र में बढ़ते निर्यात से असर कम होगा. यूरोप-मध्य पूर्व-अमेरिका के जरिए नए व्यापार मार्ग तैयार किए जा रहे हैं. वहीं चीन जैसे देश भी अमेरिका के बजाय भारत से ज्‍यादा आयात करने की बात भी कर चुके हैं, जो भारत के लिए बहुत ही ज्‍यादा अच्‍छे संकेत माने जा रहे हैं. 

किन सेक्‍टर्स पर होगा सबसे ज्‍यादा असर? 
एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस टैरिफ का सबसे बुरा असर टेक्‍सटाइल इंडस्‍ट्रीज, ज्वेलरी सेक्टर, ऑटो सेक्‍टर्स, फार्मा सेक्‍टर और केमिकल सेक्‍टर पर होगा. 2023-24 में भारत से लगभग 36 अरब डॉलर (करीब 3 लाख करोड़ रुपये) के कपड़ा निर्यात में अमेरिका की 28% की भागीदारी रही, जो लगभग 10 अरब डॉलर (करीब 85,600 करोड़ रुपये) है. साल दर साल, इस क्षेत्र में अमेरिका के साथ भारतीय व्यापार में बढ़ोतरी देखी गई है. 2016-17 और 2017-18 में अमेरिका का कपड़ा उद्योग में कुल निर्यात का हिस्सा 21% था, जो 2019-20 में 25% और 2022-23 में 29% तक पहुंच गया. 

500 अरब डॉलर की डील 
जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे पर गए थे तो अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के साथ 2030 तक 500 अरब डॉलर द्विपक्षीय व्‍यापार बढ़ाने की डील करके आए थे. इसके बाद अमेरिकी अधिकारी भारत भी आए. तीन दिन तक दोनों देशों के बीच व्‍यापार चर्चा हुई थी. 

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