चीन में कोरोना (China Corona) महामारी एक बार फिर अपने पैस पसार रही है, जिससे देश की इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ता दिखाई दे रहा है. इस बीच चीन के लिए एक बुरी खबर विश्व बैंक की ओर से आई. World Bank ने देश की विकास दर के अनुमान में बड़ी कटौती की है. वहीं दूसरी ओर भारत को लेकर रेटिंग एजेंसियों की राय सकारात्मक बनी हुई है. इसके अलावा कोरोना का प्रकोप और उसे काबू में करने के लिए सख्त पाबंदियों ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी में बिजनेस कॉन्फिडेंस (Business Confidence) पर भी असर डाला है.
चीन की Economy पर खतरा
कोरोना के बेकाबू होने से चीन की अर्थव्यवस्था (China Economy) पस्त है. तमाम रेटिंग एजेंसियों ने चीन की विकास दर (China Growth Rate) को संशोधित किया है. मंगलवार को World Bank ने भी अपनी एक रिपोर्ट में इस साल के लिए चीन के विकास दर का अनुमान घटाकर 2.7 फीसदी कर दिया. इससे पहले जून 2022 में विश्व बैंक ने इसके 4.3 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया था. यानी छह महीनों में World Bank ने अपने पूर्वानुमान में 1.6 फीसदी की कटौती की है. वहीं अगले साल के ग्रोथ अनुमान को 8.1 फीसदी से कम करते हुए 4.3 फीसदी कर दिया गया है.
बेरोजगारी दर हाई लेवल पर!
विश्व बैंक (World Bank) ने इस कटौती के कई कारणों का जिक्र किया गया है. नेविगेटिंग अनसर्टिनिटी, चाइना इकोनॉमी इन 2023 रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना महामारी के दौरान चीन की पब्लिक हेल्थ पॉलिसी (China Health Policy) बहुत कठोर रही है. लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए ये ठीक है, लेकिन अर्थव्यवस्था पर इसका नेगेटिव असर पड़ रहा है. रिपोर्ट की मानें तो चीन में बेरोजगारी दर बढ़ी है और यह अक्टूबर में बढ़कर 18 फीसदी पर पहुंच गई है. बीते सप्ताह आईएमएफ ने भी चीन का ग्रोथ अनुमान घटाने का संकेत दिया था. अक्टूबर 2022 में ही IMF ने इस साल के लिए इसे घटाकर 10 साल में सबसे कम 3.2 फीसदी किया था.
कॉन्फिडेंस पर भारी पड़ा कोरोना
इस बीच वर्ल्ड इकोनोमिक्स का सेल्स मैनेजर्स सर्वे भी चीन के बदहाल हालातों की कहानी बयां कर रहा है. इसमें सामने आया है कि चीन का बिजनेस कॉन्फिडेंस (Business Confidence) जनवरी 2013 से अब तक की अवधि में सबसे निचले स्तर पर आ गया है. इसके लिए देश में कोरोना के बढ़ते मामलों से आर्थिक गतिविधियों में गिरावट को कारण बताया गया है. ये सर्वे करीब 2300 कंपनियों के सेल्स मैनेजर्स पर 1 से 16 दिसंबर के बीच किया गया है. मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर दोनों में सेल्स मैनेजर्स इंडेक्स 50 के लेवल से नीचे है.
Fitch ने भारत को लेकर ये कहा
एक ओर जहां चीन के लिए विश्व बैंक और आईएमएफ समेत रेटिंग एजेसिंया अपने पूर्वानुमानों में कटौती कर रही हैं. वहीं दूसरी ओर भारत की रफ्तार पर भरोसा जता रही हैं. मंगलवार को ही वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को स्थिर रखा है. रेटिंग को ‘BBB-’ पर बरकरार रखा गया है. एजेंसी ने रिपोर्ट में कहा कि कंपनियों और बैंकों के बहीखातों में सुधार से आगामी वर्षों में भारत में निवेश में तेजी आएगी. फिच का अनुमान है कि मार्च 2023 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7 फीसदी रहेगी.
चीन समेत दुनिया के कई देशों में बढ़ा संक्रमण
चीन समेत दुनिया के तमाम देशों में कोरोना फिर से बेकाबू नजर आ रहा है और बढ़ते संक्रमण के मामलों ने हाहाकार मचा रखा है. दुनिया भर में पिछले एक हफ्ते में कोरोना के 36 लाख मामले सामने आए हैं, जबकि 10 हजार लोगों की जान चली गई है. महामारी विशेषज्ञ एरिक फिगल डिंग ने दावा किया है कि अगले 90 दिनों में चीन की 60 फीसदी और दुनिया की 10 फीसदी आबादी कोरोना संक्रमित हो सकती है. उन्होंने लाखों मौतों की आशंका भी जताई है.