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रतन टाटा के मैनेजर शांतनु का इमोशनल पोस्ट, 'पता नहीं कौन सी मुलाकात आखिरी हो'

रतन टाटा (Ratan Tata) के असिस्टेंट शांतनु नायडू ने एक पुरानी घटना को याद करते हुए सोशल मीडिया पर इमोशनल पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने अपने स्टार्टअप गुडफेलो को शुरू करने के आइडिया के बारे में भी लिखा है. गुडफेलो को सितंबर 2022 में लॉन्च किया गया था.

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शांतनु नायडू 2018 से रतन टाटा के साथ जुड़े हैं.
शांतनु नायडू 2018 से रतन टाटा के साथ जुड़े हैं.

देश के बड़े उद्योगपति और टाटा संस (Tata Sons) के मानद चेयरमैन रतन टाटा (Ratan Tata) के असिस्टेंट शांतनु नायडू (Shantanu Naidu) की एक पोस्ट चर्चा में है. शांतनु बुजुर्गों की सेवा के लिए एक स्टार्टअप गुड फेलोज (Startup Goodfellows) चलाते हैं, जिसमें रतन टाटा ने निवेश किया है.

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शांतनु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर गुडफेलो इंडिया को शुरू करने के बारे में बताया है. उन्होंने ऐसे दो लोगों का जिक्र किया है. उन्होंने लिखा कि गुडफेलो इंडिया के शुरू करने के सवाल पर एक पंजाबी दंपत्ति का चेहरा सामने उभर आता है.

पांच साल पुरानी बात

बिजनेस टूडे में छपी खबर के अनुसार, शांतनु नायडू एक पंजाबी दंपत्ति की कहानी बताते हैं, जिन्होंने पांच साल पहले मुंबई में उनका स्वागत अपने अपार्टमेंट में किया था. उन्होंने यह भी लिखा कि कैसे उन्होंने विशेष रूप से COVID-19 महामारी के दौरान उनकी देखभाल की. इसके बदले शांतनु ने उनके साथ पर्याप्त समय बिताना सुनिश्चित किया. शांतनु ने कहते हैं- 'मुझे बदले में जो कुछ देना था, वह समय था.'

'कौन सी मुलाकात आखिरी'

शांतनु नायडू ने लिखा- 'वह सज्जन बुधवार को 86 साल की उम्र में चल बसे. उनकी करुणा ने मेरे मन पर ऐसी गहरी छाप छोड़ी है कि जब भी कोई पूछता है कि गुडफेलो क्यों शुरू किया, तो मिस्टर पंजाबी का चेहरा हमेशा सामने उभर आता है'. आखिरी बार नायडू की मिस्टर पंजाबी से मुलाकात पिछले साल मुंबई में गुडफेलो के एक कार्यक्रम में हुई थी. नायडू ने आगे लिखा- 'वो इस साल बहुत याद आएंगे. आप कभी नहीं जानते कि कौन सी मुलाकात आखिरी है.'

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2018 से रतन टाटा के साथ हैं शांतनु

गुडफेलो को सितंबर 2022 में लॉन्च किया गया था. इस स्टार्टअप (Startup) की शुरुआत करने वाले शांतनु नायडू 30 साल के हैं और कॉर्नेल यूनिवर्सिटी (Cornell University) से पढ़ाई की है. फिलहाल, वे टाटा ऑफिस में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं. इसके साथ ही बता दें कि शांतनु 2018 से रतन टाटा (Ratan Tata) के साथ जुड़े हैं. Goodfellows में रतन टाटा ने कितना निवेश (Ratan Tata Invest) किया है इस बात की जानकारी सामने नहीं आई है.

क्या है गुड फेलोज?

यह स्टार्टअप युवाओं को बूढ़े लोगों को सहारा देने के लिए शुरू किया गया है. टाटा ने लॉन्चिंग के मौके पर कहा था कि उन्हें इस स्टार्टअप के आगे बढ़ने पर बेहद खुशी होगी. शांतनु नायडू ने रतन टाटा के साथ अपने अनुभव के बारे में 'I Came Upon a Lighthouse' नामक एक किताब भी लिखी है. आवारा कुत्तों के लिए किए गए काम की वजह से शांतनु रतन टाटा के करीब आए. मुंबई के रहने वाले शांतनु नायडू से रतन टाटा इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने खुद फोन कर शांतनु को जॉब ऑफर की थी.  

 

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