पिछले दिनों EPFO ने बताया था कि PF अकाउंट में करीब 26,497 करोड़ रुपये जमा है. जिसका कोई दावेदार नहीं है, और यह रकम धीरे-धीरे बढ़ रही है. इसी तरह बैंक में कई फिक्स्ड डिपॉजिट हैं, जो मैच्योरिटी के बाद भी उसके दावेदार सामने नहीं आ रहे हैं. इस तरह से कुल 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक बिना क्लेम के पड़े हैं.
अब ब्रोकिंग फर्म Zerodha के को-फाउंडर नितिन कामत (Nitin Kamath) ने इस समस्या का हल बताया है. उनका कहना है कि बहुत से लोगों के नॉमिनी नहीं जोड़ने की वजह से बैंक, डीमैट और अन्य खातों में 80,000 करोड़ रुपये से अधिक बिना क्लेम के पड़े हैं.
नितिन कामत ने बताया कि इस समस्या को देखते हुए जीरोधा (Zerodha) ने एक अलर्ट फीचर शुरू किया है, जो डीमैट अकाउंट के एक्टिव नहीं रहने पर नॉमिनी को इसकी सूचना देगा. कामत ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही बैंक और अन्य ऑनलाइन ब्रोकरेज फर्में भी इस फीचर को अपनाएंगे. जिससे बिना क्लेम वाली राशि का निपटारा हो सके.
There's at least Rs 80,000 crores of unclaimed money across Banks, Mutual funds, Demats, & more.
— Nithin Kamath (@Nithin0dha) September 13, 2021
We are hoping this alert feature which notifies nominees when accounts become dormant & they don't reKYC, can help in solving this problem.
Hopefully, the Banks & others follow. https://t.co/iYLHudbaLH
दरअसल, Zerodha ने अपने कस्टमर्स एक खास सुविधा दी है कि जिसके तहत अकाउंट होल्डर अपने खाते में नॉमिनी को ऑनलाइन जोड़ सकते हैं या उसमें बदलाव कर सकते हैं. यही नहीं, अगर कोई डीमैट अकाउंट एक साल तक ट्रांजैक्शन नहीं होने की वजह से एक्टिवेट नहीं रहता है तो फिर इसकी जानकारी SMS या ईमेल से नॉमिनी को दी जाएगी.
नितिन कामत का कहना है कि बिना क्लेम वाली राशि के दावेदार नहीं होने की एक बड़ी वजह से ये हो सकती है कि नॉमिनी को इस बारे में पता नहीं हो. इसलिए जीरोधा ने अलर्ट फीचर शुरू किया है, ताकि ऐसी स्थिति में सभी कस्टमर्स के नॉमिनी तक जानकारी पहुंचाई जा सके.
गौरतलब है कि देश में EPFO के पास करीब 26,497 करोड़ रुपये, तमाम बैंक खातों में 18,381 करोड़ रुपये, म्यूचुअल फंड में 17,880 करोड़ रुपये और बीमा कंपनियों के पास बिना क्लेम 15,167 करोड़ रुपये पड़े हैं. मैच्योर हो चुके फिक्स्ड डिपॉजिट में बिना क्लेम के 4,820 करोड़ रुपये जमा है.