बीते कुछ महीनों में आर्थिक मोर्चे पर भारत और अमेरिका के बीच तनाव देखने को मिल रहा है. हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने भारत से जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस (जीएसपी) की मान्यता छीन कर झटका दिया है. अब H-1B वीजा पर भी कठोर फैसला लेने की तैयारी में है. आइए जानते हैं क्या है मामला..
दरअसल, अमेरिका आने वाले दिनों में H-1B वीजा की संख्या में कटौती कर सकता है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक अमेरिका ने भारत से कहा है कि वह H-1B वीजा की संख्या सीमित करने पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक कोटे के तहत हर साल अब सिर्फ 10-15 फीसदी भारत के लोगों को H-1B वीजा दिया जाएगा.
ये नियम उन देशों पर लागू किया जाएगा, जो विदेशी कंपनियों को अपने यहां
डेटा जमा करने के लिए बाध्य करती है. बता दें कि विदेशी कंपनियो को भारत
में ही डेटा रखने को कहा जाता है. इससे कंपनी पर नियंत्रण करने में आसानी
होती है. लेकिन विदेशी कंपनियों की ताकत कम हो जाती है. लिहाजा अमेरिका की
कंपनियां इस कदम से खुश नहीं है.
बता दें कि एच-1बी वीजा अमेरिका में कार्यरत कंपनियों को विदेशी वर्करों को
नौकरी देने की इजाजत देता है. अमेरिका में टेक कंपनियां हर साल इसी वीजा
के जरिए भारत और चीन जैसे देशों के हजारों कर्मचारियों को नियुक्त करती
हैं.
क्या बदला ले रहा अमेरिका?
अमेरिका की कार्रवाई को बदलने की भावना से देखा जा रहा है. दरअसल, हाल ही में भारत ने अमेरिकी समानों पर ज्यादा टैक्स लगाने का ऐलान किया. ये कदम तब उठाया गया, जब पिछले दिनों अमेरिका ने भारत को व्यापार में मिलने वाली कुछ छूटों खत्म कर दिया था.