बीते कुछ समय से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों पर सख्ती बढ़ा दी है. यही वजह है कि देश के कई निजी या सरकारी बैंकों पर नियमों की अनदेखी की वजह से जुर्माना लगाया जा चुका है.
वहीं, कुछ बैंकों पर कई तरह की पाबंदियां लागू हैं. इसी कड़ी में बीते
दिनों रिजर्व बैंक ने मुंबई स्थित CKP सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया
था. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक रिजर्व बैंक के इस फैसले को अब बंबई उच्च न्यायालय ने भी सही ठहराया
है.
इसके साथ ही कोर्ट ने सीकेपी सहकारी बैंक का परिचालन लाइसेंस रद्द करने के भारतीय रिजर्व बैंक के आदेश पर कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया.
न्यायमूर्ति नितिन जामदार और एस. पी. तावड़े की खंडपीठ ने एक फैसले में कहा कि रिजर्व बैंक ने जमाकर्ताओं और अन्य हितधारकों के हितों की रक्षा करने के लिए यह निर्णय किया है.
अदालत ठाणे निवासी विश्वास उतागी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. याचिकाकर्ता ने रिजर्व बैंक के सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द करने के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी.
उतागी ने सीकेपी सहकारी बैंक 500 शेयरधारकों, खाता धारकों, जमाकर्ताओं, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों की ओर से यह याचिका दायर की थी. उनका आरोप था कि रिजर्व बैंक का आदेश बैंक के प्रबंधक बोर्ड के सदस्यों की असफलता पर पर्दा डालने की कोशिश है.
उतागी का यह भी आरोप था कि केंद्रीय बैंक ने बैंक के जमाकर्ताओं और अन्य हितधारकों के हितों की अनदेखी की है. इस पर कोर्ट ने कहा कि रिजर्व बैंक का निर्णय जमाकर्ताओं के लाभ को ध्यान में रखते हुए किया गया है. इसलिए इस आदेश पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगायी जा सकती.
बता दें कि मुंबई में स्थित CKP सहकारी बैंक की स्थापना 1915 में हुई थी. इसके मुंबई और थाणे के इलाकों में कुल 8 ब्रांच हैं.