पहली अप्रैल 2020 को केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का हुआ था. इस विलय के साथ ही केनरा बैंक देश का तीसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन गया है. विलय के बाद बैंक ने वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही के नतीजे पेश किए हैं. (Photo: File)
केनरा बैंक ने बुधवार को कहा कि इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसका स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट कुल 406.24 करोड़ रुपये रहा है. पिछले साल के समान अवधि की तिमाही की तुलना में करीब 23 फीसदी का उछाल आया है. सिंडिकेट बैंक के विलय के बाद यह लाभ हुआ है. (Photo: File)
इससे पहले पिछले साल की समान तिमाही में केनरा बैंक को 329.07 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था. यह मुनाफा केवल केनरा बैंक का है, क्योंकि उस समय इसमें सिंडिकेट बैंक का विलय नहीं हुआ था. (Photo: File)
केनरा बैंक ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया है कि अप्रैल-जून तिमाही में बैंक की कुल आय बढ़कर 20,685.91 करोड़ रुपये हो गई. एक साल पहले समान तिमाही में बैंक की कुल आय 14,062.39 करोड़ रुपये थी. (Photo: File)
भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के बाद अब केनरा बैंक देश का तीसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक है. चौथे स्थान बैंक ऑफ बड़ौदा है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 10 बैंकों के विलय के बाद 4 बैंक बनाए हैं. Photo: File)
हालांकि केनरा बैंक ग्रॉस एनपीए में इजाफा हुआ है. इस तिमाही में ग्रॉस एनपीए बढ़कर 8.84 फीसदी हो गया है. जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 8.77 फीसदी था. वहीं नेट एनपीए 5.35 फीसदी से गिरकर 3.95 फीसदी हो गया है. (Photo: File)