निर्मला सीतारमण ने शनिवार को डिफेंस सेक्टर के लिए कई अहम ऐलान किए. दरअसल, सरकार ने रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी FDI की सीमा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी है. इसका मतलब ये हुआ कि विदेशी कंपनियां डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकेंगी. सरकार ऐसे हथियार, वस्तुओं, स्पेयर्स को नोटिफाई करेगी जिसमें आयात को बैन किया जाएगा और उनकी स्वदेशी आपूर्ति की जाएगी. डिफेंस सेक्टर में स्वदेशी हथियारों के लिए अलग से बजट बनाया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ हथियारों और मंचों के आयात पर प्रतिबंध रहेगा. इसके अलावा ऑर्डिनंस फैक्ट्री का कॉर्पोरेटाइजेशन होगा, प्राइवेटाइजेशन नहीं. मतलब ये कि ये शेयर बाजार में लिस्टेड होंगी और इनके शेयर खरीदे जा सकेंगे.
निर्मला सीतारमण ने बताया कि सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से 6 नए एयरपोर्ट की नीलामी होगी. वित्त मंत्री ने कहा कि कुशल हवाई क्षेत्र प्रबंधन के लिए भारतीय एयर स्पेस के उपयोग को आसान बनाया जाएगा. इससे हवाई सफर में कई राहत मिलेगी. मसलन, समय और फ्यूल की बचत होगी. अहम बात ये है कि सिर्फ दो महीने के अंदर यह काम किया जाएगा. वित्त मंत्री के मुताबिक विमान रखरखाव, मरम्मत इत्यादि यानी एमआरओ के लिए भारत एक वैश्विक केंद्र बनने की ओर है. विमानों की एमआरओ सुविधा देश में ही डेवलप होगी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का निजीकरण किया जायेगा. इससे दक्षता में सुधार और निवेश आकर्षित करने का ऐसा मॉडल सामने आने की उम्मीद है, जिसे बाद में अन्य राज्यों में दोहराया जा सकेगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोयला क्षेत्र में कमर्शियल माइनिंग होगी और सरकार का एकाधिकार खत्म होगा.कोयला उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता कैसे बने और कैसे कम से कम आयात करना पड़े, इसपर काम करना है. ज्यादा से ज्यादा खनन हो सके और देश के उद्योगों को बल मिले. 50 ऐसे नए ब्लॉक नीलामी के लिए उपलब्ध होंगे. कोल इंडिया लिमिटेड की खदाने भी प्राइवेट सेक्टर को दी जाएंगी.