धनतरेस और दिवाली के मौके पर भारतीय बड़ी मात्रा में सोना खरीदते हैं. सोना खरीदने के बाद उसे सुरक्षित रखने के लिए आप इसे बैंक लॉकर में रखते हैं. इसके लिए आप चार्ज भरते हैं. लेकिन क्या हो अगर सोना आपको कमाई करने का मौका दे.
आप सोने को लॉकर में रखने की बजाय केंद्र सरकार की 'गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम' के तहत बैंकों को दे सकते हैं और इस पर ब्याज कमा सकते हैं.
क्या है गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम :
केंद्र सरकार ने 2015-16 में इस स्कीम को शुरू किया था. यह स्कीम गोल्ड सेविंग्स अकाउंट की तरह है. इसमें आप अपना सोना रखते हैं और बदले में आपको ब्याज मिलता है. इसके लिए किसी भी तरह की लॉकर फी और मेंटेनेंस चार्ज नहीं भरना पड़ता.
2.5 फीसदी तक मिलता है ब्याज :
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम से आप हर साल 0.50 फीसदी से लेकर 2.5 फीसदी तक ब्याज कमा सकते हैं. आप चाहें तो इस ब्याज को नगद ले सकते हैं या फिर सोने के रूप में ही वापस ले हासिल करें.
कैसे करें निवेश :
इस स्कीम के तहत अगर आप अपना सोना रखना चाहते हैं, तो इसके लिए आप किसी भी ऐसे बैंक की शाखा में जा सकते हैं, जो यह स्कीम दे रहा है. हालांकि निवेश के लिए आपके पास कम से कम 30 ग्राम सोना होना चाहिए.
ये है समय सीमा :
इस स्कीम के तहत आप तीन टेन्योर के लिए सोने को रख सकते हैं. इसमें शॉर्ट टर्म (1 से 3 साल), मीडियम टर्म (5 से 7 साल) और लॉन्ग टर्म डिपोजिट्स (12 से 15 साल) शामिल है.
कैसे मिलता है ब्याज :
शॉर्ट टर्म डिपोजिट्स पर ब्याज बैंक तय करते हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म और मीडियम टर्म पर मिलने वाले ब्याज को आरबीआई तय करता है. इस तरह आपको 0.5 फीसदी से लेकर 2.5 फीसदी तक ब्याज मिलेगा.
मिलता है टैक्स बेनेफिट :
इस स्कीम के जरिये आपको जो फायदा होता है, उस पर कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं लगता. इससे प्राप्त होने वाले कैपिटल गेन्स को इनकम टैक्स और वेल्थ टैक्स से भी छूट है.
समय से पहले विद्ड्रॉ :
आप चाहें तो मैच्योरिटी से पहले भी डिपोजिट को विद्ड्रॉ कर सकते हैं. हालांकि इसके लिए आपको पेनल्टी भरनी होगी.
इस बात का रखें खास ध्यान :
इस स्कीम में जब आप अपनी ज्वैलरी, गोल्ड बार या क्वाइन रखते हैं, तो बैंक उसे अपने पास नहीं रखते. ऐसे में यह जरूर ध्यान रखें कि आप जो ज्वैलरी और सोना बैंकों के पास जमा करेंगे, मैच्योरिटी पर आपको इसी फॉर्म में वापस नहीं मिलेगा.
पूरी जानकारी हासिल कर लें :
इस स्कीम में निवेश करने से पहले जिस बैंक में आप डिपोजिट शुरू कर रहे हैं, उससे पूरी जानकारी ले लें. इससे आप इस स्कीम के फायदे और नुकसान को लेकर सतर्क रह सकेंगे और अपनी सुविधानुसार चुनाव कर सकेंगे.