कोरोना वायरस को लेकर अमेरिका और चीन के बीच विवाद गहराता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस को पूरी दुनिया में फैलाने के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया है. कोरोना वायरस की वजह से अमेरिका में 90 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. (Photo: File)
ट्रंप लगातार चीन पर कोरोना का ठीकरा फोड़ रहे हैं और सबक सिखाने की भी बात
कर रहे हैं. पिछले दिनों ट्रंप ने कहा था कि जनवरी-2020 में चीन के साथ
हुई ट्रेड डील को लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है. उन्होंने यहां तक कहा कि वो इस
डील को तोड़ भी सकते हैं. (Photo: File)
वहीं कोरोना संकट के बीच अब अमेरिका में चीन खिलाफ आर्थिक तौर पर पहला कदम उठाया गया है. चीन से अमेरिकी कंपनियों को वापस लाने के लिए एक प्रभावशाली सांसद ने कांग्रेस में एक विधेयक पेश किया है. (Photo: File)
अमेरिकी सांसद मार्क ग्रीन ने यह बिल कांग्रेस में पेश किया है. पेश किए गए विधेयक 'द ब्रिंग अमेरिकन कंपनी होम एक्ट' में चीन से अमेरिकी कंपनियों को वापस लाने की पूरी लागत और चीन आयात पर लगने वाले आयात शुल्क को कवर करने के लिए कहा गया है. (Photo: File)
इस बिल के मद्देनजर ग्रीन ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत
बनाने के लिए अपने यहां निवेश को आकर्षित करना जरूरी है. लेकिन अमेरिकी
कंपनियों के लिए अपने देश आने में एक सबसे बड़ी बाधा लागत है. कई कंपनियों
के लिए ये बहुत खर्चीला और जोखिम भरा है, खासतौर पर इस वैश्विक आर्थिक
अनिश्चिता के दौर में. (Photo: File)
पीटीआई के मुताबिक अमेरिकी सांसद ने कहा कि चीन के कदमों से साफ हो गया है कि वह भरोसेमंद साझेदार नहीं है. अमेरिका को फिर से विकसित करने और चीन पर निर्भरता कम करने के लिए वो ये बिल लेकर आए हैं. (Photo: File)
अमेरिकी सांसद ने जोर देकर कहा कि सभी मिलकर अपने देश में अवसर के द्वार को खोलते हैं और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाते हैं. मेरा विधेयक विकास के लिए है, और ऐसा करना ही उचित है. अब अमेरिका के इस कदम से माना जा रहा है कि कोरोना वायरस महामारी के चलते आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में अमेरिकी कंपनियां चीन से बाहर निकलेंगी. (Photo: File)
अमेरिका सांसद का आरोप है कि कोरोना वायरस के बारे में चीन की भूमिका संदिग्ध है और उसने इस महामारी के बारे में दुनिया को बताने में लापरवाही की है, जिससे हजारों अमेरिकियों की मौत हो गई. वहीं चीन का कहना है कि अमेरिका में चुनाव के मद्देनजर इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं. (Photo: File)