भाग-दौड़ की जिंदगी और करियर संवारने की उलझन में अकसर लोग परिवार के बुजुर्गों को उचित देखभाल नहीं कर पाते हैं. ऐसे में बुजुर्गों को घरों में अकेले रहकर जीवन व्यतीत करना पड़ता है. ऐसे लोगों की देखभाल के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक खास पहल की है.
दरअसल, घर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल के लिए सरकार गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की मदद लेगी. इसकी जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने राज्यसभा में दी.
गहलोत ने बताया कि अकेले जीवन यापन कर रहे बुजुर्गों को दिन के समय मनोरंजन, अध्ययन और अन्य कार्यों के लिये समय व्यतीत करने हेतु डे केयर सेंटर शुरू करने के मकसद से कानून बनाया जाएगा.
गहलोत के बयान के मुताबिक बुजुर्गों की देखभाल के लिए एनजीओ की मदद लेने की नई योजना पर भी काम चल रहा है.
नए कानून पर हो रहा विचार ?
थावर चंद गहलोत ने बताया कि 2007 के एक कानून में बुजुर्गों की देखभाल का प्रावधान है. हालांकि सरकार, अकेले रह रहे बुजुर्गों की देखभाल के लिए एक नया कानून बनाने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत डे केयर सेंटर खोले जाएंगे.
अकेले रहने वाले बुजुर्ग इनमें दिन के समय मनोरंजन और अध्ययन आदि गतिविधियों के माध्यम से अपना वक्त गुजार सकेंगे.
इसके अलावा एक अन्य कार्यक्रम बनाया जा रहा है जिसमें एनजीओ के कार्यकर्ता
अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल के लिए भेजे जा सकेंगे.
बता दें कि
2011 की जनगणना के मुताबिक देश में बुजुर्गों की संख्या लगभग 10.38 करोड़
है.