scorecardresearch
 
Advertisement
बिजनेस

23 कंपनियों में विनिवेश, सीतारमण बोलीं- सही मौके और कीमत का इंतजार

23 कंपनियों में विनिवेश, सीतारमण बोलीं- सही मौके और कीमत का इंतजार
  • 1/10
विनिवेश के मोर्चे पर मोदी सरकार को वित्त-वर्ष 2019-20 में सफलता नहीं मिली, सरकार ने पहले वित्त वर्ष 2019-20 में विनिवेश से 1.05 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था. लेकिन बाद में लक्ष्य को घटाकर 65,000 करोड़ रुपये कर दिया गया. फिर भी सरकार इस आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई. (Photo: File)
23 कंपनियों में विनिवेश, सीतारमण बोलीं- सही मौके और कीमत का इंतजार
  • 2/10
आंकड़ों के मुताबिक मोदी सरकार वित्त-वर्ष 2019-20 में संशोधित विनिवेश लक्ष्य से भी 14,700 करोड़ रुपये पीछे रह गई. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 2019-20 में सरकार ने विनिवेश के जरिये सिर्फ 50,298.64 करोड़ रुपये जुटाए. (Photo: File)
23 कंपनियों में विनिवेश, सीतारमण बोलीं- सही मौके और कीमत का इंतजार
  • 3/10
अब एक बार फिर मोदी सरकार विनिवेश के मोर्चे पर तेजी की बात कर रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार ऐसी 23 कंपनियों की विनिवेश की प्रक्रिया को पूरी करने में जुटी है, जिनके विनिवेश को कैबिनेट से हरी झंडी मिल चुकी है. (Photo: File)
Advertisement
23 कंपनियों में विनिवेश, सीतारमण बोलीं- सही मौके और कीमत का इंतजार
  • 4/10
दरअसल, आंकड़ों को देखें तो इस साल सरकार को विनिवेश पर खास फोकस रह सकता है. एअर इंडिया समेत कई कंपनियों में सरकार पूरी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है. (Photo: File)
23 कंपनियों में विनिवेश, सीतारमण बोलीं- सही मौके और कीमत का इंतजार
  • 5/10
मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 2.10 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य रखा है. इसमें से 1.20 लाख करोड़ रुपये पीएसयू के विनिवेश से आएंगे, जबकि 90 हजार करोड़ रुपये वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बेचकर जुटाए जाएंगे. (Photo: File)
23 कंपनियों में विनिवेश, सीतारमण बोलीं- सही मौके और कीमत का इंतजार
  • 6/10
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार ऐसे समय में सार्वजनिक कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहती है जब उसे सही कीमत मिले. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि जिन 23 पीएसयू को विनिवेश के लिए कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है, उसे पहले विनिवेश किया जाए. (Photo: File)
23 कंपनियों में विनिवेश, सीतारमण बोलीं- सही मौके और कीमत का इंतजार
  • 7/10
पीटीआई के मुताबिक वित्त मंत्री ने हीरो एंटरप्राइज के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल के साथ बातचीत में कहा कि सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत कई सेक्टर्स को निजी भागीदारी के लिए खोलने की घोषणा की थी. (Photo: File)
23 कंपनियों में विनिवेश, सीतारमण बोलीं- सही मौके और कीमत का इंतजार
  • 8/10
उन्होंने कहा कि किन सेक्टर्स को लेकर क्या नीति बनेगी, अभी इसपर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. इसलिए इसपर अटकलें लगाना सही नहीं होगा. वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि वो जल्द ही स्मॉल फाइनेंश कंपनियों और एनबीएफससी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगी, जिसमें उनके द्वारा कारोबारियों को दिए जा रहे लोन की समीक्षा की जाएगी.
23 कंपनियों में विनिवेश, सीतारमण बोलीं- सही मौके और कीमत का इंतजार
  • 9/10
गौरतलब है कि सरकारी कंपनियों में विनिवेश के मोर्चे पर मोदी सरकार तेजी से फैसले ले रही है. सरकार ने बीपीसीएल, नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और टीएचडीसीआईएलसमेत में तो मैनेजमेंट कंट्रोल भी छोड़ने का फैसला किया है. हालांकि भारत पेट्रोलियम लिमिटेड का रणनीतिक विनिवेश होगा. (Photo: File)
Advertisement
23 कंपनियों में विनिवेश, सीतारमण बोलीं- सही मौके और कीमत का इंतजार
  • 10/10
क्‍या होती है विनिवेश प्रक्रिया

विनिवेश प्रक्रिया निवेश का उलटा होता है. जहां निवेश किसी कारोबार, किसी संस्था या किसी परियोजना में रकम लगाना होता है तो वहीं विनिवेश का मतलब उस रकम को वापस निकालना होता है. यहां निजीकरण और विनिवेश के अंतर को समझना जरूरी है. निजीकरण में सरकार अपने 51 फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी निजी क्षेत्र को बेच देती है जबकि विनिवेश की प्रक्रिया में वह अपना कुछ हिस्सा निकालती है लेकिन उसकी मिल्कियत बनी रहती है लेकिन अब 'रणनीतिक विनिवेश' में मिल्कियत भी नहीं बचेगी. (Photo: File)
Advertisement
Advertisement