क्या आपके आस-पास भी एटीएम से 2000 रुपये के नोट नहीं निकल रहे हैं. क्योंकि बड़े तादाद में लोग कह रहे हैं कि एटीएम से अब 2000 के नोट नहीं निकल रहे हैं. वैसे इंडियन बैंक ने अपने ग्राहकों को पहले ही बता दिया है कि उसके एटीएम मशीनों से अब 2 हजार रुपये के नोट नहीं डाले जा रहे हैं. यानी इंडियन बैंक के एटीएम से 2000 के नोट नहीं निकलेंगे. (Photo: File)
दरअसल बैंकों के एटीएम से अब 2,000 के बजाय 500 के नोट अधिक निकल रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि 2,000 के नोट को धीरे-धीरे हटाने की तैयारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक SBI ने छोटे शहरों और कस्बों में मौजूद एटीएम में से 2000 रुपये के नोट रखने के कैसेट हटाए जा रहे हैं. हालांकि इस खबर की पुष्टि नहीं हुई है. (Photo: File)
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले साल सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में कहा था कि केंद्रीय बैंक ने 2,000 के नोट की छपाई बंद कर दी है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि वित्त मंत्रालय की ओर से इस बारे में कोई निर्देश नहीं है. (Photo: File)
लाइव मिंट के मुताबिक बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंकों को सरकार की ओर से 2000 रुपये के नोट ATM में नहीं डालने को लेकर कोई निर्देश नहीं दिया गया है. वित्त मंत्री ने सरकारी बैंक के प्रमुखों के साथ बैठक के दौरान ये बातें कहीं. (Photo: File)
यानी बैंक ने खुद ही अपने एटीएम में छोटे नोट डालना शुरू कर दिया है, जिससे ग्राहकों को सुविधा हो. कुछ बैंकों ने अपने एटीएम को छोटे नोटों के हिसाब कैसेट में बदलाव कर रहे हैं. एटीएम के अंदर चार कैसेट होते हैं जिनमें 2000, 500, 200 और 100 रुपये के नोट भरे जाते हैं. (Photo: File)
कुछ एटीएम में 2000 रुपये के नोट की जगह 500 रुपये के नोट डाले जा रहे हैं, इसलिए ग्राहकों को एटीएम से 500 रुपये के ज्यादा नोट निकल रहे हैं. सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक ने तो साफ कर दिया है कि उसने अपने एटीएम में 2,000 का नोट डालना बंद कर दिया है. (Photo: File)
जब सरकार ने साफ कर दिया है कि उसने कोई आदेश नहीं दिया है तो फिर धीरे-धीरे एटीएम और प्रचलन से 2000 के नोट गायब होने की क्या वजह है? कुछ बैंकों का कहना है कि 2000 के नोट को खुला काफी मुश्किल होता है. ऐसे में बैंकों ने एटीएम में 2,000 का नोट डालना बंद कर दिया है. (Photo: File)
वहीं एक आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने बताया कि 2016-17 के दौरान 2,000 रुपये के 354.29 करोड़ नोट छापे गए. हालांकि, 2017-18 में यह संख्या घटकर 11.15 करोड़ और 2018-19 मे 4.66 करोड़ पर आ गई. जबकि पिछले साल केंद्रीय बैंक ने कहा था कि उससे फिलहाल 2000 रुपये के नोट छापना बंद कर दिया है. (Photo: File)
इससे संकेत मिलता है कि बड़े मूल्य के 2,000 के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे, लेकिन धीरे-धीरे इन्हें हटाया जाएगा. जैसे ही 2 हजार के नोट बैंक के पास आएगा तो बैंक उसे वापस सर्कुलेशन में भेजने की बजाय RBI के पास भेज देगा. इसलिए बैंकों के कस्टमर्स को घबराने की जरूरत नहीं है. (Photo: File)
गौरतलब है कि 8 नवंबर 2016 में मोदी सरकार द्वारा किए गए नोटबंदी के बाद 2017 की शुरुआत में 2000 रुपये के नोट चलाए गए थे. रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2017 की शुरुआत में कुल सर्कुलेटेड बैंक नोट का करीब 50 फीसदी हिस्सा 2000 के नोटों का था. लेकिन वित्त वर्ष 2019 में सर्कुलेटेड नोटों में 51 फीसदी हिस्सा 500 रुपये के नोट का हो गया. (Photo: File)