अगर आपका अकाउंट एसबीआई या किसी अन्य सरकारी बैंक में है तो आपको जनवरी की सैलरी के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है.
दरअसल, अधिकतर कर्मचारियों को महीने की आखिरी तिथि 30 या 31 तारीख को सैलरी बैंक अकाउंट में आती है. लेकिन इस बार 31 जनवरी और 1 फरवरी को लगातार दो दिन हड़ताल है. इसके अलावा 2 फरवरी को रविवार होने की वजह से बैंक बंद रहेंगे.
ऐसे में इस हड़ताल की वजह से सरकारी बैंकों में कामकाज प्रभावित हो रहा है. यहां बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक समेत विभिन्न बैंकों ने अपने ग्राहकों को पहले ही सूचित कर दिया है कि हड़ताल की वजह से बैंकिंग सेवाओं पर कुछ असर पड़ सकता है.
बैंककर्मियों की हड़ताल से नकदी जमा और निकासी, चेक क्लीरेंस और कर्ज वितरण जैसी सेवाएं प्रभावित हैं. हालांकि, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बैंक खुले हैं. इसके अलावा ऑनलाइन बैंकिंग पर भी कोई असर नहीं है.
बता दें कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) ने इस हड़ताल का आह्वान किया है. यह ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (एआईबीओसी), ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयज एसोसिएशन (एआईबीईए) और नेशनल आर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स समेत नौ कर्मचारी संगठनों का निकाय है.
यूनियन का दावा है कि सार्वजनिक बैंकों और निजी क्षेत्र के कुछ बैंकों के
करीब 10 लाख कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में भाग ले रहे हैं. इनकी मुख्य मांग वेतन में इजाफे की है. बैंक कर्मचारियों के वेतन संशोधन का मामला नवंबर 2017 से लंबित है.
एआईबीईए के महासचिव सी. एच. वेंकटचलम ने कहा, "मुंबई, चेन्नई और दिल्ली में
लगभग 23,000 करोड़ रुपये के करीब 31 लाख चेक हड़ताल के कारण क्लीयर नहीं
किए जा सके हैं. अधिकांश बैंक शाखाएं बंद रहीं. नकद जमा या निकासी नहीं की
जा सकी. " वेंकटचलम ने कहा, "जो रिपोर्ट अभी तक हमारे पास पहुंची है, उसके
अनुसार, देश भर में मुख्य रूप से तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश,
तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब,
गुजरात, कर्नाटक, केरल, बिहार आदि राज्य बहुत प्रभावित हुए हैं."