केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक के बीच चल रही तनातनी के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली और RBI गवर्नर उर्जित पटेल आज एक साथ दिखे. अरुण जेटली ने नई दिल्ली में मंगलवार को वित्तीय स्थिरता और विकास काउंसिल (FSDC) की बैठक में हिस्सा लिया.
इस बैठक में अरुण जेटली, उर्जित पटेल के अलावा आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य, सेबी चेयरमैन अजय त्यागी और वित्त मंत्रालय के अन्य सचिव मौजूद रहे. गौरतलब है कि कई मुद्दों को लेकर इन दिनों आरबीआई और मोदी सरकार आमने-सामने है. जिसको लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है.
Delhi: Finance Minister Arun Jaitley chaired Financial Stability Development Council (FSDC) meeting today. RBI Governor Urjit Patel, RBI Deputy Governor Viral Acharya, SEBI chairman Ajay Tyagi and Secretaries of Finance Ministry attended the meeting. pic.twitter.com/X13qZzVvgN
— ANI (@ANI) October 30, 2018
.... तो भुगतने होंगे नतीजे
26 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में विरल आचार्य ने कहा था कि 'अगर केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता से समझौता हुआ तो उसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. इससे कैपिटल मार्केट में संकट खड़ा हो सकता है जहां से सरकार भी कर्ज लेती है.'
राहुल ने भी किया था वार
इसी बयान को ढाल बनाकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि यह देखना सुखद है कि आखिरकार भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल केंद्रीय बैंक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ‘बचा रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि देश भाजपा-आरएसएस को संस्थाओं पर कब्जा नहीं करने देगा.
पटेल और ‘टीम मोदी’ के बीच टकराब की खबरों के बाद गांधी ने कहा कि गवर्नर के आरबीआई के बचाव में आने में कोई विशेष देरी नहीं हुई है. राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “यह अच्छा है कि आखिरकार पटेल आरबीआई को ‘मिस्टर 56’ से बचा रहे हैं. कभी नहीं से विलंब बेहतर, भारत भाजपा/आरएसएस को हमारी संस्थाओं पर कब्जा नहीं करने देगा.”