कैशलेस इकोनॉमी की दिशा में देश को आगे बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार ने डिजिटल पेमेंट के नए ऐप भीम (BHIM- भारत इंटरफेस फॉर मनी ) की शुरुआत की है. इस ऐप के जरिए कैशलेस ट्रांजैक्शन को गांव-गांव तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी जिससे देश में पहले से मौजूद ई¬-वॉलेट कंपनियां जैसे पेटीएम, फ्रीचार्ज और मोबीक्विक को कड़ी चुनौती मिलना तय है. सरकार की तरफ से यह कदम नोटबंदी लागू होने के बाद पेटीएम कारोबार में हुए कई गुना इजाफे के बाद उठाया गया.
जानिए क्या है भीम और पेटीएम में अहम अंतर
1. भीम ऐप आपके बैंक खाते से सीधे तौर पर जुड़ा रहता है, वहीं पेटीएम ऐप में आप अपने बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करते हैं.
2. भीम ऐप आपका ट्रांजैक्शन सीधे सेलर और बैंक खाते के बीच कराता है. पेटीएम ऐप आपके बैंक खाते की जानकारी अपने पास पास रखता है और थर्ड पार्टी बनकर आपका ट्रांजैक्शन करता है.
3. भीम ऐप केन्द्र सरकार की संस्था नैशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा निर्मित और संचालित है. यह संस्था केन्द्रीय रिजर्व द्वारा रेगुलेटेड है. वहीं पेटीएम नोएडा आधारित एक निजी कंपनी है जिसे 2015 में रिजर्व बैंक से देश के पहले पेमेंट बैंक का लाइसेंस मिला था. पेटीएम में चीन की कंपनी अलीबाबा की कंपनी एंट ग्रुप का बड़ा निवेश है वहीं टाटा समूह ने भी 2015 में पेटीएम में निवेश किया था. इस आधार पर ग्रामीण इलाकों में भीम ऐप पर विश्वसनियता अधिक रहने की उम्मीद है.
4. पेटीएम को स्मार्टफोन अथवा कंप्यूटर दोनों के जरिए चलाया जा सकता है. इसकी मदद से ऑनलाइन शॉपिग के सभी पोर्टल पर भुगतान किया जा सकता है. लेकिन ट्रांजैक्शन सिर्फ इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध रहने की स्थिति में संभव है. वहीं केन्द्र के भीम ऐप के जरिए पेमेंट करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं पड़ती.
5. पेटीएम ऐप सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए कंपनी यूजर पर किसी तरह का चार्ज लगाने के लिए मुक्त है. पेटीएम पर पैसा रीचार्ज करने के लिए यूजर अपने बैंक अकाउंट से पैसा ट्रांसफर करता है, जिसपर बैंक अपना चार्ज लगाता है. वहीं आपकी खरीदारी के लिए एक बार फिर पेटीएम बैंक के पेमेंट गेटवे पर जाता है जिससे दुबारा चार्ज लगाया जा सकता है. इसकी चुलना में भीम ऐप ज्यादा आसान है. यहां आपका एप्प बिना पैसे अपने पास ट्रांसफर किए आपके बैंक के जरिए सीधे खऱीदारी करता है, लिहाजा बैंकिंग चार्ज सिर्फ एक बार लगाए जाने की गुंजाइश है.