पंजाब नेशनल बैंक महाघोटाले के बीच हुई केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में एक अहम फैसला लिया गया है. केंद्रीय कैबिनेट ने फैसला लिया है कि अनियमित जमा योजनाओं को बंद करने के लिए एक बिल लाया जाएगा. सरकार ने बताया कि भोले-भाले लोगों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए यह कदम उठाया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया. इस बैठक में अनियमित बचत योजनाओं पर प्रतिबंध बिल, 2018 संसद में पेश किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही कैबिनेट ने मौजूदा चिट फंड एक्ट में भी संशोधन करने को मंजूरी दी है. इसका मकसद आम लोगों की वित्तीय उत्पादों तक पहुंच बढ़ाना होगा.
अनियमि बचत योजनाओं पर प्रतिबंध का ये बिल लाने के पीछे सरकार का मकसद उन अनियमित बचत योजनाओं को बंद करना है, जो देश में चल रही हैं. सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि इन योजनाओं को चलाने वाली कंपनियां और संस्थान रेग्युलेटरी गैप का फायदा उठाते हैं. इसके अलावा ये कड़े नियमों की अनदेखी कर के आम लोगों को लूटते हैं.
क्या होती हैं अनियमित योजनाएं?
अगर यह बिल संसद में पास हो जाता है, तो भारत में बिटकॉइन में निवेश करने पर रोक लग सकती है. इसके अलावा कई पोंजी स्कीम भी बंद हो सकती हैं. फिलहाल भारत में बिटकॉइन को नियमित वित्तीय योजना का दर्जा नहीं है. ऐसे में अगर यह कानून आता है, तो सबसे पहले मार इसी पर पड़ेगी.
बता दें कि पंजाब नेशनल बैंक में हुए 11300 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद सरकार ने वित्तीय घोटालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में ही बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरंसी में निवेश करने से सचेत किया था.
हालांकि अभी इन स्कीम्स को बैन करने के लिए कोई पुख्ता कानून देश में नहीं बना है. ऐसे में सरकार का यह कदम बिटकॉइन और कुछ पोंजी स्कीम्स पर गाज गिराएगा.