मैगी विवाद के बीच व्यापारियों के निकाय कैट ने उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान से ब्रांड अंबेसडरों को उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2015 के दायरे में लाने का आज अनुरोध किया. इस विधेयक को पिछले सप्ताह मंत्रिमंडल की मंजूरी प्रदान की गई और इसे संसद के चालू सत्र में पेश किए जाने की संभावना है.
क्यों और क्या है जरूरी?
कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने पासवान को लिखे एक पत्र में कहा कि विधेयक में शामिल किए गए नए अध्याय उत्पाद जवाबदेही के तहत ब्रांड अंबेसडरों को सर्विस प्रोवाइडरों के तौर पर शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि इनके द्वारा प्रचार का काम उत्पाद की बिक्री बढ़ाने के लिए किया जाता है. इस तरह के प्रचार के लिए व्यक्ति आमतौर पर पैसे लेकर कॉन्ट्रैक्ट करता है. वह ब्रांड अंबेसडर के तौर पर उत्पाद के बिक्री अभियान का स्वत: ही हिस्सा भी बन जाता है. ऐसे में ब्रांड एम्बेसडरों पर भी नकेल कसने की जरूरत है.
इनपुट : भाषा