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BSNL-MTNL छोड़ने की तैयारी, 93 हजार कर्मचारी VRS के लिए राजी

पब्‍लिक सेक्‍टर की टेलीकॉम कंपनियों भारत संचार निगम लि. (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लि. (एमटीएनएल) की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) योजना मंगलवार यानी तीन दिसंबर को बंद हो गई.

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सिर्फ बीएसएनल के 78 हजार कर्मचारियों ने किया आवेदन
सिर्फ बीएसएनल के 78 हजार कर्मचारियों ने किया आवेदन

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  • बीएसएनएल के 78,300 कर्मचारियों ने वीआरएस स्‍कीम में दिखाई दिलचस्‍पी
  •  एमटीएनएल के 14,378 कर्मचारियों ने वीआरएस स्‍कीम के लिए दिया आवेदन

पब्‍लिक सेक्‍टर की टेलीकॉम कंपनियों भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) योजना को शानदार रिस्‍पॉन्‍स मिला है.

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दोनों कंपनियों के कुल 92,700 कर्मचारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है. इसमें बीएसएनएल के 78,300 कर्मचारियों और एमटीएनएल के 14,378 कर्मचारियों ने वीआरएस स्‍कीम में दिलचस्‍पी दिखाई है. बता दें कि मंगलवार यानी आज दोनों कंपनियों की वीआरएस स्‍कीम की डेडलाइन समाप्‍त हो गई.

बीएसएनएल के चेयरमैन पी के पुरवार ने बताया, ‘‘सभी सर्किलों से मिली जानकारी के अनुसार योजना बंद होने के समय तक करीब 78,300 कर्मचारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है. यह हमारे लक्ष्य के अनुरूप है. हम करीब 82,000 कर्मचारियों की संख्या घटने की उम्मीद कर रहे हैं. वीआरएस के लिए आवेदन करने वालों के अलावा 6,000 कर्मचारी ऐसे हैं जो सेवानिवृत्त हो गए हैं.’’ बता दें कि वर्तमान में बीएसएनएल के करीब 1.50 लाख कर्मचारी हैं.

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वहीं एमटीएनएल के चेयरमैन सुनील कुमार ने कहा कि कंपनी के कुल 14,378 कर्मचारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है. उन्‍होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 13,650 कर्मचारियों का था. इससे हमारा वार्षिक वेतन बिल 2,272 करोड़ रुपये से घटकर 500 करोड़ रुपये रह जाएगा. अब हमारे पास 4,430 कर्मचारी बचेंगे जो परिचालन के लिए पर्याप्त हैं.’’

बता दें कि मोदी सरकार ने पिछले महीने बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिए 69,000 करोड़ रुपये के पुनरुद्धार पैकेज की घोषणा की थी. इसमें घाटे में चल रही दोनों सरकारी दूरसंचार कंपनियों के विलय के अलावा कर्मचारियों को वीआरएस देना शामिल है. इस कदम का मकसद विलय बाद बनने वाली इकाई को दो साल में लाभ में लाना है.

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