कोरोना महामारी और इसकी वजह से देश-दुनिया में जारी लॉकडाउन से भारतीय एविएशन सेक्टर धड़ाम हो जाएगा. एक रिपोर्ट के अनुसार इससे एविएशन और इससे जुड़े उद्योगों के करीब 29 लाख लोग बेरोजगार हो सकते हैं.
इंटरनेशनल एविएशन ट्रैवल एसोसिएशन (IATA) की एक रिपोर्ट के अनुसार इसकी वजह से भारतीय विमान सेवा कंपनियों को इस साल 1,122 करोड़ डॉलर (करीब 86 हजार करोड़ रुपये) का नुकसान होगा और 29 लाख से भी ज्यादा लोग बेरोजगार हो सकते हैं.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
गौरतलब है कि भारत में 25 मार्च से ही पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है और इसकी वजह से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पूरी तरह से बंद हैं.
क्या कहा गया रिपोर्ट में
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इस रिपोर्ट में कहा गया है, 'यात्री विमान सेवा पर जारी कड़े प्रतिबंध यदि तीन महीने तक रहते हैं तो वर्ष 2019 की तुलना में इस साल देश में यात्रियों की संख्या में 8.98 करोड़ यानी करीब 47 प्रतिशत की गिरावट आएगी. इससे विमान सेवा कंपनियों को 1,122.1 करोड़ डॉलर की आय का नुकसान होगा और 29,32,900 लोगों की रोजी-रोटी छिन जाएगी.
सबसे ज्यादा नौकरी भारत में जाएगी
एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए जारी इस रिपोर्ट में सबसे ज्यादा नौकरियां भारत में जाने की आशंका जताई गयी है जबकि आय के नुकसान के मामले में जापान और ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत तीसरे स्थान पर रहेगा. एयरलाइंस की कमाई में जापान में 2,200 करोड़ डॉलर और ऑस्ट्रेलिया में 1,400 करोड़ डॉलर से अधिक की गिरावट की आशंका व्यक्त की गई है.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
बंद हो सकती हैं कई एयरलाइंस
एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए IATA के उपाध्यक्ष कोनार्ड क्लिफोर्ड ने कहा कि एयरलाइंस अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं. यदि सरकारें उनकी मदद नहीं करती हैं और कई एयरलाइंस बंद हो सकती हैं.
आयटा ने इससे पहले 14 अप्रैल को जारी रिपोर्ट में कहा था कि भारत में यात्रियों की संख्या 36 प्रतिशत घटेगी जिससे 884 करोड़ डॉलर का राजस्व नुकसान होगा और 22.47 लाख लोगों का रोजगार छिन जाएगा.