कोरोना के प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सलाह दी है कि उनके कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड के सेस फंड में जो रकम जमा है उसे निर्माण मजदूरों में वितरित कर दिया जाए. अगर ऐसा हुआ तो हर मजदूर के खाते में डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर के द्वारा पैसा जा सकता है.
क्या कहा केंद्र सरकार ने
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस बारे में एडवाइजरी जारी की है. उन्होंने कहा कि इस फंड से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के द्वारा पैसा निर्माण मजदूरों के खाते में सीधे भेजा जाना चाहिए.
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कितनी रकम का हो सकता है वितरण
न्यूज एजेंसी के मुताबिक देश के सभी राज्यों के कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड में सेस के रूप जो फंड जमा है, वह करीब 52,000 करोड़ रुपये का है. इन बोर्ड में कुल रजिस्टर्ड मजदूरों की संख्या 3.5 करोड़ है. यानी अगर यह पूरा पैसा ट्रांसफर कर दिया जाए तो एक मजदूर को 15 हजार रुपये मिल सकते हैं. हालांकि, कितनी रकम देनी है, देनी भी है या नहीं यह अभी राज्यों को तय करना है, क्योंकि यह केंद्र सरकार की सलाह मात्र है.
गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. अबतक देश में 527 लोग कोरोना के पॉजिटिव पाए गए हैं. इसमें से 10 लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र और केरल है. कोरोना की वजह से 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लॉकडाउन लागू कर दिया गया है. 548 जिलों को लॉकडाउन किया गया है.
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इन सबकी वजह से कारोबार और अन्य कामकाज लगभग ठप हो गया है. इसका सबसे ज्यादा असर, मजदूरों, दिहाड़ी कमाने वाले लोगों पर पड़ा है. यूपी की योगी सरकार ने ऐसे ही लोगों को हर महीने 1000 रुपये देने की एक योजना शुरू की है. अब अगर केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री की सलाह राज्य मानते हैं, तो निर्माण मजदूरों को काफी राहत मिल सकती है.