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पांच दिन में 5.51 लाख करोड़ डूबे, शेयर बाजार को अचानक क्या हुआ?

बीते कुछ दिनों से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है. इस गिरावट की वजह से निवेशकों को 5 कारोबारी दिन में 5.51 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है.

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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी

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  • सेंसेक्‍स 392.24 अंक के नुकसान से 39,888.96 अंक पर बंद
  • निफ्टी 119.40 अंक के नुकसान से 11,678.50 अंक पर रहा

बीते 1 फरवरी को आम बजट पेश होने के बाद उस दिन भारतीय शेयर बाजार में 10 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई थी. हालांकि, इसके बाद शेयर बाजार में रिकवरी भी आई लेकिन बीते कुछ दिनों से एक बार फिर गिरावट का दौर देखने को मिल रहा है. इस वजह से निवेशकों को 5.51 लाख करोड़ का नुकसान हो गया है.

5 दिन में 5.51 लाख करोड़ का नुकसान

दरअसल, 19 फरवरी को बीएसई इंडेक्‍स पर मार्केट कैप 1,58,71,065.31 करोड़ रुपये था. इसके एक हफ्ते बाद 26 फरवरी को बीएसई इंडेक्‍स का मार्केट कैप लुढ़क कर 1,53,19,487.08 करोड़ रुपये पर आ गया. इस तरह निवेशकों को सिर्फ 5 कारोबारी दिन में 5.51 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है. यहां बता दें कि 21, 22 और 23 फरवरी को शेयर बाजार बंद रहे. वहीं 21 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व था तो वहीं 22 और 23 फरवरी को साप्‍ताहिक अवकाश की वजह से बाजार बंद थे.

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क्‍या है इस नुकसान की वजह?

दरअसल, बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कोरोना वायरस को बताया जा रहा है. कारोबारियों ने कहा कि कोरोना वायरस के तेजी से फैलने के बीच वैश्विक स्तर पर चले बिकवाली के सिलसिले के बीच यहां भी बाजार की धारणा प्रभावित हुई है. मूडीज की ओर से भी कोरोना वायरस को लेकर मंदी की आशंका जाहिर की गई है.

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मूडीज एनालिटिक्स का मानना है कि अगर कोरोना वायरस एक महामारी का रूप लेता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के घेरे में आ सकती है. मूडीज एनालिटिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क जैंडी ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार अब इटली और कोरिया में भी हो चुका है. ऐसे में इसके महामारी का रूप लेने की आशंका बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस ने चीन की अर्थव्यवस्था को एक बड़ा झटका दिया है. अब यह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन चुका है.

जीडीपी आंकड़ों में सुस्‍ती की आशंका

कोरोना के अलावा जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों में सुस्‍ती की आशंका से भी बाजार पर असर पड़ा है. दरअसल, तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में भी कमजोर ग्रोथ रेट की आशंका जताई जा रही है. SBI के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक अक्‍टूबर-दिसंबर की तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 4.5 फीसदी रहने का अनुमान है.

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मॉरीशस को वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) ने ‘ग्रे लिस्ट’ में डाल दिया है. इसका भी असर सोमवार और मंगलवार को बाजार पर दिखा था. हालांकि, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि मॉरीशस के विदेशी निवेशक एफपीआई पंजीकरण के पात्र बने रहेंगे. लेकिन उनकी निगरानी बढ़ाई जाएगी. कच्‍चे तेल के भाव में उतार-चढ़ाव की वजह से भी शेयर बाजार प्रभावित हुआ.

बुधवार को बाजार का हाल

अगर बुधवार के कारोबार की बात करें तो बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान एक समय 521 अंक तक नीचे चला गया था. अंत में यह 392.24 अंक या 0.97 प्रतिशत के नुकसान से 39,888.96 अंक पर बंद हुआ. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 119.40 अंक या 1.01 प्रतिशत के नुकसान से 11,678.50 अंक पर आ गया.

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