कोरोना की वजह से वैश्विक स्तर पर व्यापारिक संबंधों और व्यापार के तरीकों में बदलाव आने की उम्मीद है. ये मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस का मानना है. हालांकि, मूडीज की रिपोर्ट कहती है कि बदले हुए माहौल में भारत जैसे एशियाई देशों को फायदा होगा.
क्या कहा मूडीज ने
रेटिंग एजेंसी मूडीज की मानें तो कोरोना वायरस महामारी की वजह से व्यापारिक संबंधों में बुनियादी बदलाव की रफ्तार तेज होगी. मूडीज ने कहा कि महामारी की वजह से व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर अंकुशों से वैश्विक अर्थव्यवस्था में संरक्षणवाद बढ़ेगा और इसके ‘बिखराव’ की रफ्तार तेज होगी.
एशियाई देशों को फायदा
मूडीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक सप्लाई चेन में भी बदलाव होगा लेकिन ये कई साल की प्रक्रिया में आएगा. हालांकि, रिपोर्ट कहती है कि चीन को छोड़कर कुछ एशियाई बाजारों को सप्लाई चेन में बदलाव का लाभ होगा.
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘चीन को छोड़कर इस से एशियाई देशों को लाभ होगा, बशर्ते इन देशों की आर्थिक बुनियाद मजबूत हो, बुनियादी ढांचा विश्वसनीय हो, पर्याप्त श्रम पूंजी हो और भू -राजनीतिक और आपूर्ति सुरक्षा का जोखिम कम हो. ’’
क्षेत्रीय व्यापार प्रणाली होगी!
रिपोर्ट के अनुसार आने वाले वक्त में एशिया, यूरोप और अमेरिका के लिए क्षेत्रीय व्यापार प्रणाली होगी. ऐसे में इन क्षेत्रों के पास रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्पादों के लिए अपने खुद के आपूर्तिकर्ता होंगे.
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रिेपोर्ट में कहा गया है कि प्राथमिकता की सामान्यीकृत प्रणाली (जीएसपी) के तहत यूरोपीय संघ और अमेरिकी बाजारों पर तरजीह पहुंच की वजह से एशिया के विकासशील देशों मसलन इंडोनेशिया, कंबोडिया और भारत को फायदा होगा.