मोबाइल पर बातचीत के दौरान कॉल कटने की समस्या के मद्देनजर दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को कहा कि सरकार इस मुद्दे के समाधान के लिए दूसंचार कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रही है.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों को सुनिश्चित करना होगा कि कॉल ड्रॉप ‘न्यूनतम’ हो और उन्हें अपनी प्रणाली को मजबूत बनाना होगा. प्रसाद एनडीए सरकार के कार्यकाल का एक साल पूरा होने के मौके पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, 'कॉल ड्रॉप को न्यूनतम करने की जरूरत है. निजी कंपनियों को अपनी प्रणाली को चुस्त दुरुस्त करना होगा. मैंने इस गड़बड़ी के लिए विभाग के अधिकारियों से कंपनियों को हतोत्साहित करने वाली व्यवस्था तैयार करने को कहा है.'
मंत्री ने कहा कि अपनी भूमिका में वे यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं कि उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखा जाए. दूरसंचार सचिव राकेश गर्ग ने दूरसंचार विभाग में सदस्य (प्रौद्योगिकी) से इस मामले में काम करने को कहा है और जरूरत पड़ने पर इसे दूरसंचार नियामक के पास सुझाव के लिए भेजा जा सकता है. इस बारे में अंतिम फैसला अगले छह महीने में किया जा सकता है. गर्ग ने इस बारे में एक कंपनी का उदाहरण दिया जो कि कॉल ड्रॉप के बदले निशुल्क कॉल की पेशकश कर रही है.
नेट न्यूट्रैलिटी पर रपट
नेट न्यूट्रैलिटी के मामले में प्रसाद ने कहा कि सरकार को रपट मिल गई है और इसे अगले कुछ ही दिनों में दूरसंचार विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई अंतिम फैसला सरकार व मंत्रिमंडल को करना है. स्पेक्ट्रम व्यापार और हिस्सेदारी पर दिशा-निर्देश इसी महीने के आखिर तक केंद्रीय मंत्रिमंडल को भेजे जाएंगे.
-इनपुट भाषा से