जीएसटी परिषद की 30वीं बैठक शुक्रवार को आयोजित हुई. इस बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हिस्सा लिया. इस बैठक में केरल बाढ़ समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई.
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी परिषद की बैठक के बाद बताया कि मीटिंग में राजस्व की स्थिति को लेकर विस्तार से प्रजेंटेशन दिया गया. यह पहले ही तय किया गया था कि जीएसटी परिषद की सचिव ने उन राज्यों का दौरा किया, जहां राजस्व घाटा था.
इनकी समीक्षा के बाद मीटिंग में बताया गया है कि पूर्वोत्तर राज्यों में राजस्व की कमी नहीं है.
केरल को लेकर उन्होंने बताया कि राज्यों के मंत्रियों ने अपना प्रजेंटेशन दिया. केरल को बाढ़ के असर से बाहर निकालने के लिए कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी. इसमें भविष्य के लिए एक रोडमैप तैयार करने को लेकर भी बात हुई.
जेटली ने बताया कि केरल के लिए सेस के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए 7 सदस्यों की एक कमिटी बनाई गई है. इस कमिटी में पूर्वोत्तर, पहाड़ी और तटीय क्षेत्र के लोग शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि जल्द ही कमिटी सदस्यों की घोषणा की जाएगी.
उन्होंने बताया कि यह कमिटी अपने सुझाव देगी. वित्त मंत्री ने इस दौरान जीएसटी रिटर्न को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि 2018 में जीएसटी रिटर्न बेहतर रहा है. पूर्वोत्तर के राज्यों में राजस्व कलेक्शन बेहतर रहा है. जो कि एक प्रोत्साहन देने वाला फैक्टर है.
वित्त मंत्री के मुताबिक कुछ टॉप कलेक्शन वाले राज्यों में रेवेन्यू कम जरूर हुआ है. हालांकि यह लोकल टैक्सेस में कमी की वजह से हुआ है.