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विनिवेश पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, BPCL-SCI की बिक्री पर कैबिनेट की मुहर

सरकारी कंपनियों में विनिवेश के मोर्चे पर मोदी सरकार तेजी से फैसले ले रही है. बुधवार देर शाम हुई कैबिनेट की बैठक में भारत पेट्रोलियम (BPCL) में विनिवेश पर कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है.

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निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान
निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान

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सरकारी कंपनियों में विनिवेश के मोर्चे पर मोदी सरकार तेजी से फैसले ले रही है. सरकार ने बीपीसीएल समेत पांच कंपनियों के विनिवेश का फैसला किया है. सबसे बड़ी बात यह है कि इन कंपनियों में मैनेजमेंट कंट्रोल भी सरकार ने छोड़ने का फैसला किया है. बड़ी बात यह है कि नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन में सौ फीसदी विनिवेश होगा. सरकार ने कॉनकॉर में 30.8 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है.

बीपीसीएल और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन के अलावा जिन और तीन कंपनियों में विनिवेश का फैसला किया गया है, वे हैं शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और टीएचडीसीआईएल. बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि भारत पेट्रोलियम लिमिटेड का रणनीतिक विनिवेश होगा.

निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी बीपीसीएल के विनिवेश से नुमालीगढ़ रिफाइनरी को अलग रखा गया है, इसमें सरकार विनिवेश करेगी. सरकार ने बीपीसीएल में 53.29 फीसदी हिस्सेदारी के विनिवेश का फैसला किया है, इसमें नुमालीगढ़ रिफाइनरी की 61 फीसदी हिस्सेदारी शामिल नहीं है.

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इसी के साथ ही वित्त मंत्री ने कहा है कि प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच 1.2 लाख मीट्रिक टन प्याज के आयात को कैबिनेट ने मंजूरी दी है.

BPCL पर कैबिनेट की मुहर

दरअसल मुनाफे में चल रही भारत पेट्रोलियम का हिस्सा बेचने से सरकार को करीब 60,000 करोड़ रुपये की मोटी रकम मिल सकती है.

दरअसल कैबिनेट की बैठक से पहले वित्त मंत्री ने कहा था कंपनियों का विनिवेश मार्च 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा. गौरतलब है कि सरकार ने इस वित्त वर्ष में विनिवेश से 1.05 लाख करोड़ रुपये हासिल करने का लक्ष्य रखा है. तो बीपीसीएल की बिक्री से उसे अकेले इस लक्ष्य का करीब 60 फीसदी हिस्सा हासिल हो जाएगा.

BPCL को हुए था 7,132 करोड़ रुपये का मुनाफा

गत 30 सितंबर को विनिवेश पर गठित सचिवों की एक कोर टीम ने भारत पेट्रोलियम की हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दी थी. बीपीसीएल मुनाफे में चलने वाली कंपनी है, इसलिए सऊदी अरामको, रोसनेफ्ट, कुवैत पेट्रोलियम, एक्सनमोबिल, शेल, टोटल एसए और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी जैसी दिग्गज अंतरराष्ट्रीय कंपनियां इसकी हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोली लगा सकती हैं. वित्त वर्ष 2018-19 में बीपीसीएल को 7,132 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था.

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