कॉल ड्रॉप यानी मोबाइल सम्पर्क बार बार टूटने की बढ़ती शिकायतों पर सरकार ने आज कंपनियों की खिंचाई की. सरकार ने कहा कि दूरसंचार ऑपरेटर इस समस्या को दूर करने की गंभीर कोशिश नहीं कर रहे हैं.
राष्ट्रीय टावर नीति की जरूरत
कंपनियों ने दूरसंचार टावर लगाने में आ रही समस्या की शिकायत करते हुए कहा है कि अगर दूरसंचार टावर के बारे में कोई राष्ट्रीय नीति न बनायी गयी तो यह समस्या और बिगड़ेगी. दूरसंचार विभाग कॉल ड्रॉप पर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है. ऐसे में सभी ऑपरेटरों ने आज पूरे देश में एक जैसी नीति बनाने की मांग की है.
ऑपरेटरों ने लगाया आरोप
भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्यूलर समेत तमाम ऑपरेटरों ने आरोप लगाया कि टावर सील करने के स्थानीय निकायों के आदेश, बिजली की समस्या और टावर लगाने की अनुमति में अड़चने आ रही है.
गर्ग ने ऑपरेटरों के दावों को किया खारिज
दूरसंचार सचिव राकेश गर्ग ने इसी मुद्दे पर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक के बाद कॉल ड्रॉप के मामले में ऑपरेटरों के दावों को खारिज किया. गर्ग ने कहा, कॉल ड्रॉप और टावर नीति के बीच कोई संबंध नहीं है. पहले भी ऐसी नीति नहीं थी पर कॉल बीच में टूटने की शिकायत नहीं थी. उन्होंने कहा कि मौजूदा नियमों के तहत ही इसका समाधान निकालना होगा.