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अब यूरिया से हटेगा सरकारी नियंत्रण, बाजार तय करेगा दाम

डीजल और पेट्रोल के बाद अब यूरिया पर से भी सरकारी नियंत्रण हटाने की तैयारी है. यानी अब बाजार के आधार पर यूरिया की कीमतें तय होंगी. वित्तीय साल 2015-16 के केंद्रीय बजट में इसकी घोषणा हो सकती है.

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डीजल और पेट्रोल के बाद अब यूरिया से भी सरकारी नियंत्रण हटाने की तैयारी है. यानी अब बाजार के आधार पर यूरिया की कीमतें तय होंगी. वित्तीय साल 2015-16 के केंद्रीय बजट में इसकी घोषणा हो सकती है.

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वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, 'अगले तीन सालों तक यूरिया की एमआरपी (न्यूनतम खुदरा मूल्य) में 20 फीसदी का इजाफा हो सकता है.' इस सालाना बढ़ोतरी को 10-10 फीसदी के इंस्टॉलमेंट में भी बांटा जा सकता है.' यानी हर खरिफ और राबी मौसम के पहले यूरिया वाले खाद की कीमतों में 10 फीसदी बढ़ोतरी संभव है.

नियंत्रण हटाने से पहले सरकार यूरिया की कीमत करीब 9,500 रुपये प्रति टन (475 रुपये प्रति बैग) सुनिश्चित करना चाहती है. यूरिया खाद की मौजूदा कीमत 5,360 रुपये प्रति टन (268 रुपये प्रति 50 किलोग्राम) है.

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