रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने साफ कर दिया है कि वो केंद्रीय बैंक के प्रमुख के तौर पर दूसरा कार्यकाल नहीं चाहते हैं. राजन ने इसके लिए मना कर दिया है. उन्होंने आरबीआई के सहयोगियों से कहा कि वे चार सितंबर को कार्यकाल समाप्त होने के बाद शैक्षिक गतिविधियों से दोबारा जुड़ेंगे. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रघुराम राजन के फैसले का स्वागत किया है.
राजन ने दोबारा गवर्नर बनने से किया इंकार
अचानक की गई इस घोषणा से रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद पर राजन के बने रहने को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम लग गया. राजन ने कहा कि मुद्रास्फीति नियंत्रण, बैंकों बही-खातों की सफाई का काम पूरा नहीं हुआ है. लेकिन उन्होंने सरकार के साथ विचार-विमर्श और परामर्श के बाद कार्यकाल पूरा होने पर जाने का फैसला किया है. राजन ने कहा कि वह देश की सेवा के लिए हमेशा उपलब्ध होंगे. उन्होंने भरोसा जताया कि उनके उत्तराधिकारी रिजर्व बैंक को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे.
देश की सेवा के लिए हमेशा तैयार: राजन
राजन ने रिजर्व बैंक के कर्मचारियों को जारी संदेश में कहा, 'उचित सोच-विचार और सरकार के साथ परामर्श के बाद मैं आपके साथ यह साझा करना चाहता हूं कि मैं चार सिंतबर 2016 को गवर्नर के तौर पर कार्यकाल समाप्त होने पर शैक्षिक क्षेत्र में वापस लौट जाऊंगा.' रिजर्व बैंक गवर्नर ने अपने सहयोगियों को लिखे पत्र में कहा है कि वह जरूरत पड़ने पर अपने देश की सेवा के लिए हमेशा उपलब्ध होंगे. 53 साल के राजन पिछली यूपीए सरकार ने सितंबर 2013 में रिजर्व बैंक का गवर्नर नियुक्त किया था.
नए आरबीआई गवर्नर के नाम का ऐलान जल्द
वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रघुराम राजन के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि रघुराम राजन अपना फैसला के लिए स्वतंत्र हैं और सरकार के साथ उनका बेहतरीन तालमेल रहा. उन्होंने कहा कि नए आरबीआई गवर्नर के नाम का जल्द ऐलान किया जाएगा.
सुब्रमण्यम स्वामी ने की थी हटाने की मांग
गौरतलब है कि इस बात को लेकर अटकलें काफी जोरों पर थीं कि राजन को रिजर्व बैंक गवर्नर के तौर पर दूसरा कार्यकाल मिलेगा अथवा नहीं. खासतौर से तब जब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने हाल ही में उनपर उनकी नीतियों को लेकर लगातार हमले किए थे. स्वामी ने कहा कि ब्याज दर के मामले में राजन की सख्त नीतियों की वजह से अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है. राजन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के जाने माने अर्थशास्त्री रहे हैं और उन्होंने 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बारे में काफी पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी.
ये लोग RBI गवर्नर पद की रेस में
'इंडिया टुडे' को मिली जानकारी के मुताबिक अगले आरबीआई गवर्नर पद की रेस में पूर्व वित्त सचिव विजय केलकर, आरबीआई के मौजूदा डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल, एसबीआई प्रमुख अरुंधति भट्टाचार्य, वित्त मंत्री के पूर्व सलाहकार पार्थसारथी सोम जैसे दिग्गजों का नाम शामिल है.