फल और सब्जियों की ढुलाई के लिए भारतीय रेल सात अगस्त यानी आज से अपनी पहली 'किसान रेल सेवा’ शुरू करने जा रही है. रेलवे ने कहा कि ऐसी पहली रेलगाड़ी महाराष्ट्र के देवलाली से बिहार के दानापुर के बीच चलेगी.
बजट में हुआ था ऐलान
दरअसल, केंद्र से साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है. इसी कड़ी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी में बजट भाषण के दौरान ऐलान किया था कि किसान फल-सब्जी देश के उन शहरों में बेच सकते हैं, जहां उन्हें उसकी अच्छी कीमत मिलेगी. इसके लिए किसान रेल चलाई जाएगी. इस सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) योजना के तहत शीत भंडारण के साथ किसान उपज के परिवहन की व्यवस्था होगी.
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सप्ताह में एक बार चलेगी
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस साल के बजट में जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों के लिये बेहतर आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने के लिए किसान रेल चलाने की घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुये रेल मंत्रालय इस प्रकार की पहली किसान रेल सात अगस्त को दिन में 11 बजे देवलाली से दानापुर के लिये चला रहा है. यह रेल साप्ताहिक आधार पर चलेगी.
यह रेलगाड़ी 1,519 किलोमीटर का सफर करते हुये अगले दिन करीब 32 घंटे बाद शाम पौने सात बजे दानापुर (बिहार) पहुंचेगी. किसान रेल में रेफ्रिजरेटेड कोच लगे होंगे. इसे रेलवे ने 17 टन की क्षमता के साथ नए डिजायन के रूप में निर्मित करवाया है. इसे रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में बनाया गया है.
मध्य रेलवे का भुसावल डिवीजन प्राथमिक तौर पर कृषि आधारित डिवीजन है और नासिक तथा इसके आसपास के इलाकों में बड़ी मात्रा में ताजी सब्जियों, फलों, फूल, प्याज तथा अन्य कृषि उत्पादों का उत्पादन होता है. इन उत्पादों को यदि ठीक से रखरखाव नहीं हो तो ये जल्दी खराब हो जाते हैं.
इन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
ये कृषि उत्पाद नासिक के इन इलाकों से बिहार में पटना, उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, मध्य प्रदेश के कटनी, सतना तथा अन्य क्षेत्रों को भेजे जाते हैं. किसान रेल इन उत्पादों को गंतव्य तक पहुंचाने का काम करेगी. यह रेल नासिक रोड़, मनमाड़, जलगांव, भुसावल, बुरहानपुर, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, सतना, कटनी, मणिकपुर, प्रयागराज, पं दीनदयाल उपाध्याय नगर और बक्सर में रुकेगी.
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पहले भी आया था प्रस्ताव
वातानुकूलन की सुविधा के साथ फल एवं सब्जियों को लाने ले जाने की सुविधा का प्रस्ताव पहली बार 2009-10 के बजट में उस समय रेल मंत्री रहीं ममता बनर्जी ने किया था, लेकिन इसकी शुरुआत नहीं हो सकी. इस ट्रेन में कंटेनर फ्रीज की तरह होंगे. मतलब यह एक चलता-फिरता कोल्ड स्टोरेज होगा, इसमें किसान खराब होने वाले सब्जी, फल, फिश, मीट, मिल्क रख सकेंगे. शुरुआत में यह ट्रेन साप्ताहिक चलेगी.