आर्थिक संकट से जूझ रही एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज को आज यानी 15 मई को एक और बड़ा झटका लगने वाला है. दरअसल, जेट एयरवेज के मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में ऑफिस की नीलामी होने वाली है. यह पहली बार है जब पैसों की कमी की वजह से जेट एयरवेज के ऑफिस को नीलाम किया जा रहा है. यह नीलामी होम लोन कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड की ओर से की जा रही है.
क्यों एचडीएफसी कर रही नीलामी
दरअसल, जेट एयरवेज ने इस ऑफिस को एचडीएफसी के पास गिरवी रख कर कर्ज लिया था. बीते दिनों एचडीएफसी ने एक पब्लिक नोटिस जारी कर कहा था जेट का यह ऑफिस जेट एयरवेज गोदरेज बीकेसी नामक बिल्डिंग में चौथे फ्लोर पर है. इसका कार्पेट एरिया 52,775 वर्ग फीट है. एचडीएफसी इसकी ई-नीलामी कर रही है. बता दें कि जेट एयरवेज पर एचडीएफसी का 414 करोड़ रुपये का कर्ज है. इस कर्ज को वसूलने के लिए जेट के ऑफिस को नीलामी के लिए रखा है. इसके लिए रिजर्व प्राइस 245 करोड़ रुपये रखी गई है.
कर्ज में डूबी है जेट एयरवेज
किसी जमाने में देश की टॉप एयरलाइन रही जेट एयरवेज इन दिनों 8 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी हुई है. कंपनी की हालत इतनी बुरी है कि उड़ान सेवाएं अस्थायी तौर पर बंद कर दी गई हैं. इस बीच जेट एयरवेज के बड़े अधिकारी लगातार इस्तीफा दे रहे हैं. मंगलवार को जेट एयरवेज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे और डिप्टी सीईओ अमित अग्रवाल समेत चार वरिष्ठ कार्यकारियों ने इस्तीफा दे दिया है. फिलहाल एसबीआई के अगुवाई में बैंकों के समूह के पास जेट एयरवेज का कंट्रोल है. बैंका का यह समूह कर्जदाता भी है.
कर्जदाताओं ने कंपनी की 31.2 से 75 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की है. एसबीआई की मर्चेंट बैंकिंग इकाई एसबीआई कैप्स ने 26 बैंकों के गठजोड़ की ओर से 8 से 12 अप्रैल के दौरान रुचि पत्र मांगा था. उसे चार शुरुआती बोलियां मिली हैं. इन 26 बैंकों के पास एयरलाइन की 51 फीसदी हिस्सेदारी है. पहले दौर की बोली के बाद निजी इक्विटी कंपनियों इंडिगो पार्टनर्स और टीपीजी, एतिहाद एयरवेज और सॉवरेन कोष एनआईआईएफ का नाम छांटा गया था.अबू धाबी की एतिहाद एयरवेज ने जेट एयरवेज में बहुलांश हिस्सेदारी के लिए सीलबंद बोली दी है.