वित्तीय संकट का सामना कर रहे जेट एयरवेज का निदेशक मंडल 27 अगस्त को होने वाली अपनी बैठक में जून तिमाही के नतीजे के साथ लागत कटौती की पहल और कंपनी की पुनरुद्धार योजना पर विचार करेगा. कंपनी की नियामकीय सूचना में यह जानकारी दी गई है.
एयरलाइन के निदेशक मंडल ने 9 अगस्त को, जून तिमाही के लिए अनअंकेक्षित वित्तीय परिणामों की घोषणा को स्थगित कर दिया था और अब यह काम 27 अगस्त को किया जाएगा.
शेयर बाजार को दी गई सूचना में जेट एयरवेज ने कहा कि बोर्ड 27 अगस्त को लागत में कमी करने की पहल से संबंधित मामलों को भी उठाएगा.
सूचना में बताया गया है कि जून तिमाही के लिए अनअंकेक्षित वित्तीय परिणामों पर विचार करते हुए, निदेशक मंडल लागत में कमी की पहल और पुनरुद्धार योजना के संबंध में भी विचार करेगा जिसके लिए प्रबंधन ने पहले समय मांगा था.
एयरलाइन द्वारा वित्तीय परिणामों की घोषणा में देरी के कारण वह पहले ही नियामक जांच के दायरे में आ गई है. सूत्रों ने कहा था कि निगमित मामलों के मंत्रालय ने जेट एयरवेज के लेखा परीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है और बाजार नियामक परिणामों की घोषणा में विलंब की भी जांच कर रही है.
9 अगस्त को जेट एयरवेज के सीईओ विनय दुबे ने कहा कि यह विमानन कंपनी बहुत मेहनत से काम कर रही है. कुछ समय के लिए एक मिशन योजना को लागू कर रही है जिसमें लागत और राजस्व के अलावा कई अन्य पहलुओं सहित पुनरोद्धार के हर पहलू पर गौर करता है.
वेतन कटौती के मुद्दे पर, दुबे ने कहा था कि एयरलाइन पुनर्गठन के कई पहलुओं पर गौर कर रहे हैं और ‘पेरोल’ (वेतनभत्ता) भी उनमें से एक है.
उसी दिन, जेट एयरवेज के संस्थापक अध्यक्ष नरेश गोयल ने कहा कि वह 'दोषी और शर्मिंदा' महसूस करते हैं क्योंकि वित्तीय संकटों के कारण विमानन कंपनी के शेयर में गिरावट आने से कई शेयरधारकों ने अपने पैसे गंवाएं हैं.