वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को लोकसभा में आयकर संशोधन बिल पेश किया. इस संशोधन बिल में सरकार ने अघोषित आय पर टैक्स, सेस और सरचार्ज लगाने का प्रस्ताव दिया है. नोटबंदी के बाद काले धन को सामने लाने के लिए सरकार ने ये कदम उठाया है. इसमें लोगों को अपने अघोषित आय की जानकारी देने और उसपर जुर्माने के साथ उसे सिस्टम में लाने के प्रावधान किए गए हैं. जानिए इस बिल के अहम प्रस्ताव...
1. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना टैक्स का प्रस्ताव.
2. अघोषित आय की घोषणा करने पर 30 फीसदी टैक्स लगेगा.
3. अघोषित आय पर 10 फीसदी पेनल्टी लगेगी.
4. 30 फीसदी टैक्स और 10 फीसदी जुर्माना मिलाकर अघोषित आय पर कुल 40 फीसदी टैक्स लगेगा. टैक्स का 33 फीसदी सरचार्ज के तौर पर अलग से वसूला जाएगा.
5. इस सरचार्ज को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना सेस का नाम दिया गया है.
6. अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को नोटबंदी के बाद अघोषित आय मिलती है तो 75 फीसदी टैक्स और 10 फीसदी पेनल्टी का प्रावधान रखा गया है. यानी खुद घोषणा न करने वालों को पकड़े जाने पर अघोषित आय पर कुल 85 फीसदी टैक्स देना होगा.75% tax and 10% penalty in case IT authorities detect #undisclosedwealth deposited post #demonetisation
— Press Trust of India (@PTI_News) November 28, 2016
काला धन रखने वालों को एक और मौका
दरअसल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को भारी हंगामे के बीच लोकसभा में आयकर संशोधन बिल पेश किया. ये कानून 8 नवंबर की रात को हुए नोटबंदी के ऐलान के बाद हुए लेन-देन पर लागू होगा. जानकारों की मानें तो इस संशोधन को कालेधन रखने वालों को एक और मौका देने के रूप में देखा जा रहा है. इस बिल को मनी बिल की तरह पेश किया गया, जिससे राज्यसभा में बिल के पास होने में समस्या नहीं होगी. बिल में एक अहम बिंदु है जिसके मुताबिक अघोषित आय जमा कराने वाले लोगों का नाम उजागर नहीं किया जाएगा. इसके अलावा 30 दिसंबर तक गरीब कल्याण योजना को बंद करने भी योजना है.
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काला धन जमा किया तो 50 फीसदी, पकड़े गए तो 85 फीसदी टैक्स
गौरतलब है कि मौजूदा टैक्स कानून में ऐसे कड़े प्रावधान नहीं हैं, जो नोटबंदी की मियाद 30 दिसंबर के खत्म हो जाने के बाद कालाधन वालों पर कड़ी कार्रवाई की अनुमति देता हो. लेकिन यह संविधान संशोधन विधेयक नहीं है, इसलिए यह सहज ढंग से लोकसभा में पारित हो जाएगा.