scorecardresearch
 

BPCL को बेच रही मोदी सरकार, अब 31 जुलाई तक रुचि पत्र जमा करने का मौका

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल नवंबर में बीपीसीएल में सरकार की पूरी 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री को मंजूरी दे दी थी.

Advertisement
X
दूसरी बार बढ़ी डेडलाइन
दूसरी बार बढ़ी डेडलाइन

Advertisement

  • BPCL में सरकार की पूरी 52.98% हिस्सेदारी की होगी बिक्री
  • वित्त वर्ष 2020-21 में 2.10 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
  • एयर इंडिया और LIC में भी सरकार अपनी हिस्‍सेदारी बेचेगी

कोरोना संकट की वजह से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के निजीकरण के लिए बोली की समयसीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है. बीपीसीएल में हिस्‍सेदारी के लिए रुचि पत्र यानी एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (EoI) जमा करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है.

पिछले साल मिली थी मंजूरी

दरअसल, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल नवंबर में बीपीसीएल में सरकार की पूरी 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री को मंजूरी दे दी थी. इसके बाद सात मार्च को हिस्सेदारी खरीदने में रुचि रखने वालों से रुचि पत्र (EoI) मांगे गए थे. EoI जमा करने की अंतिम तिथि दो मई थी, लेकिन इसे बढ़ाकर 13 जून तक कर दिया गया. ताजा घटनाक्रम में एक बार फिर इस समयसीमा को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है.

Advertisement

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) ने कहा, ‘‘इच्छुक बोलीदाताओं के अनुरोधों और कोविड-19 से पैदा हुईं मौजूदा स्थिति के मद्देनजर रुचि पत्र जमा करने की अंतिम तिथि को 31 जुलाई, 2020 तक बढ़ा दिया गया है.’’

क्‍या है इसके मायने ?

मतलब ये कि 31 जुलाई तक बीपीसीएल में हिस्‍सेदारी खरीदने के लिए निवेशकों को रुचि पत्र देना होगा. इस पत्र के जरिए ये मालूम होता है कि कौन-कौन सी कंपनियां या निवेशक बोली लगाने को इच्‍छुक हैं. यही वजह है कि जब भी कोई बिक्री होती है तो सबसे पहले रुचि पत्र मंगाए जाते हैं.

सरकार की 52.98% हिस्सेदारी

भारत सरकार ने बीपीसीएल में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव दिया है. इसके तहत सरकार अपना कुल 114.91 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेगी, जो बीपीसीएल की इक्विटी शेयर पूंजी का 52.98 प्रतिशत हिस्सा है. इसके तहत खरीदार को प्रबंधन नियंत्रण भी दिया जाएगा. हालांकि, इस बिक्री में बीपीसीएल की नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड में 61.65 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल नहीं है.

ये पढ़ें-विनिवेश पर बड़ा झटका, लक्ष्य घटा, फिर भी हासिल नहीं कर सकी सरकार

नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड की हिस्सेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की एक तेल और गैस कंपनी को बेची जाएगी. बोली दो चरणों में होगी, जिसके तहत पहले आईओआई चरण के योग्य बोलीदाताओं से दूसरी चरण में वित्तीय बोली लगाने के लिए कहा जाएगा. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) इस बोली प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकते हैं.

Advertisement

आपको बता दें कि नए वित्त वर्ष 2020- 21 के लिए सरकार ने विनिवेश से 2.10 लाख करोड़ रुपये जुटाने का बड़ा लक्ष्य रखा है. इस साल बीपीसीएल के अलावा एयर इंडिया, एलआईसी में सरकार अपनी हिस्‍सेदारी बेचकर पैसा जुटाएगी.

Advertisement
Advertisement