राज्यसभा में महंगाई मुद्दे पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस समस्या का ठीकरा पिछली सरकार यानी यूपीए पर फोड़ा. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में जो महंगाई है उसके लिए कांग्रेस नीत यूपीए जिम्मेदार है.
अरुण जेटली ने कहा, 'सप्लाई और स्टोरेज पर पिछली सरकार को कड़े फैसले करने थे पर ऐसा नहीं हुआ. कांग्रेस ने जो मुश्किल हालात पिछले 10 सालों में पैदा किए उनका निपटारा सिर्फ 5 हफ्तों में नहीं हो सकता.'
उन्होंने साफ किया कि मोदी सरकार महंगाई मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हटेगी. हालांकि वित्त मंत्री का जवाब विपक्ष को नहीं पसंद आया. कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा, बीएसपी, सीपीआई (एम) ने राज्यसभा से वॉक आउट किया. तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डैरेक ओ ब्रायन ने कहा, 'सरकार ने रेल किराया बढ़ाने के लिए जो दलील दी है वह हमें स्वीकार नहीं है. इसलिए हमनें चर्चा से वॉक आउट करने का फैसला किया.'
चर्चा के दौरान कांग्रेस, बसपा, सपा एवं तृणमूल कांग्रेस ने एनडीए के चुनावी नारे ‘अच्छे दिन’ का मजाक बनाते हुए कहा कि प्याज एवं आलू जैसी खाद्य वस्तुओं के दाम में वृद्धि तथा रेल किरायों एवं भाड़े में बढ़ोत्तरी, डीजल दरों में इजाफे में क्या इसकी झलक मिलती है. जेटली ने कहा कि 41 दिन पुरानी मोदी सरकार ने खाद्य कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए फौरन कदम उठाए जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने खाद्य वस्तुओं में मूल्यवृद्धि को रोकने के लिए कुछ नहीं किया और प्याज के दाम 100 रुपये प्रति किग्रा तक चढ़ गए.
उन्होंने कहा कि सरकार पर ऐसे समय में हमला किया जा रहा है जबकि उसने कल पेश किये जाने वाले रेल बजट और गुरुवार को पेश किए जाने वाले आम बजट में अपनी वित्तीय रूपरेखा को अभी सार्वजनिक भी नहीं किया है.
वित्त मंत्री ने सदन को आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि वह इसे एक गंभीर एवं संवेदनशील मामला मानती है. प्याज एवं आलू की पर्याप्त आपूर्ति है तथा घबराने की कोई जरूरत नहीं है.
उन्होंने कहा कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग प्याज एवं आलू की कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए कदम उठाना जारी रखेगी. उन्होंने ध्यान दिलाया कि इन दोनों जिंसों का उत्पादन बढ़ा है. खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि जमाखोरों और बिचौलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किये जाने की आवश्यकता है क्योंकि वही कीमत वृद्धि के लिए जिम्मेदार हैं.
सरकार द्वारा उठाये गये कदमों के बारे में बताते हुए जेटली ने कहा कि केन्द्र ने राज्यों को जमाखोरों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया है तथा स्टॉक रखने की सीमा को तय किया है तथा प्याज एवं आलू के न्यूनतम निर्यात मूल्य को बढ़ाया है.