कोरोना संकट के दौर में जब डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ा है, ऑनलाइन ठगी के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं. चाहे आम आदमी हो या खास हर कोई इसका शिकार हो जाता है. ऐसे में लोगों को राहत देने के लिए ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी एक बीमा लेकर आई है. आइए जानते हैं कि क्या है इस पॉलिसी में और यह किसे लेना चाहिए?
गौरतलब है कि ऑनलाइन ठगी करने वाले अक्सर लोगों के डिटेल जानकर उनके क्रेडिट कार्ड से लंबी शॉपिंग कर लेते हैं या उनका बैंक एकाउंट खाली कर देते हैं. ऐसे लोगों को बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी से राहत बहुत कम मिल पाती है. इसी को देखते हुए ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी एक रिटेल साइबर लायबिलिटी इंश्योरेंस पॉलिसी लेकर आई है. इसके तहत लोगों को डिजिल दुनिया के खतरों से बचाने के लिए बीमा कवर दिया जाएगा. यह पॉलिसी लेने वाले के साथ ही उसके परिजनों को भी इसके तहत कवर मिलता है.
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क्या है पॉलिसी में
जब किसी पॉलिसीधारक को किसी ऑनलाइन (साइबर) फ्रॉड या अन्य किसी तरीके से डिजिटल ट्रांजैक्शन में भारी वित्तीय नुकसान होता है, तो इस बीमा पॉलिसी से उनके नुकसान की भरपाई की जाती है. यह काफी किफायती भी है. इसका प्रीमियम हर दिन 6.5 रुपये से लेकर 65 रुपये तक है. इसके तहत सम इंश्योर्ड 50,000 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक होता है. यानी आपको यदि किसी ऐसी ठगी से 50 हजार रुपये से लेकर 10 लाख तक का नुकसान होता है तो कंपनी इसकी भरपाई करेगी. इसमें एक साल तक पॉलिसीधारक का परिवार उसके बच्चों सहित कवर होता है.
इसके तहत आपकी आइडेंटिटी की चोरी, साइबर बुलिइंग, साइबर एक्सटॉर्शन, मालवेयर इन्ट्रशन, बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड, मोबाइल वॉलेट आदि के अनाधिकृत या फर्जी तरीके से इस्तेमाल आदि का कवर किया जाता है.
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किसे खरीदना चाहिए
आप यदि बहुत टेक सैवी नहीं हैं और डिजिटल ट्रांजेक्शन ज्यादा करते हैं, तो आपको किसी भी तरह के संभावित नुकसान से यह पॉलिसी बचा सकती है. यह आपके लिए बेहतर है. लेकिन यदि आप साइबर खतरों से बहुत ज्यादा वाकिफ हैं और सभी तरह की सुरक्षा चौक-चौबंद रखते हैं तो आप सभी तरह की जोखिम को जांचकर फिर यह तय करें कि आपको इसे लेना ठीक रहेगा या नहीं.
(www.businesstoday.in के इनपुट पर आधारित)