राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के मौजूदा सदस्य अब नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड के जरिए ऑनलाइन पैसा जमा कर सकते हैं. पेंशन कोष नियामक पीएफआरडीए इसके लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया है जिसके जरिए ये काम आसानी से किया जा सकता है.
ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन
इतना ही नहीं, अगर आप राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के सदस्य नहीं हैं, और बनना चाहते हैं तो अब आप एनपीएस की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन कर एनपीएस के सदस्य बन सकते हैं. इसके बाद आप अपने परमानेंट रिटायरमेंट खाते में योगदान भी कर सकते हैं. साथ ही, जिन अंशधारकों के पहले से एनपीएस खाता है , वे ईएनपीएस के जरिए सीधे योगदान दे सकते हैं.
एनपीएस ट्रस्ट की वेबसाइट से होंगे काम
सरकार के ई-शासन को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल इंडिया अभियान के तहत पेंशन कोष नियामकीय विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ऑनलाइन पैसा जमा करने की सुविधा शुरू की है. वित्त मंत्रालय के अनुसार पेंशन निधि नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने एनपीएस ट्रस्ट की वेबसाइट पर एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है जिसका इस्तेमाल कर न सिर्फ कोई भी व्यक्ति नया सदस्य बन सकता है बल्कि मौजूदा सदस्य भी अपने अंशदान के भुगतान के लिए पंजीकरण करा सकते हैं.
आधार कार्ड के बजाए पैन कार्ड
पीएफआरडीए के चेयरमैन हेमंत जी कॉन्ट्रेक्टर के मुताबिक एनपीएस खाता ऑनलाइन खोलने के लिए अब आधार कार्ड के बजाए पैन कार्ड का उपयोग किया जाएगा. पैन और बैंक केवाईसी के वेरिफिकेशन के आधार पर ही ऑनलाइन एनपीएस खाता खोला जा सकेगा.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदलाव
कॉन्ट्रेक्टर के मुताबिक आधार आधारित एनपीएस खाता सुविधा पायलट परियोजना के आधार पर शुरू की गई थी. लेकिन आधार के उपयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से इसे रोक दिया गया. उन्होंने कहा कि पैन के जरिए वेरिफिकेशन सुविधा के तहत ग्राहक एनपीएस ट्रस्ट वेबसाइट पर अपना खाता देख सकते हैं.
छह भागीदार बैंकों के साथ इंटरनेट बैंकिंग सुविधा
उन्होंने कहा, छह भागीदार बैंकों के साथ इंटरनेट बैंकिंग सुविधा ले रखे खाताधारक अपना एनपीएस खाता ऑनलाइन खोल सकते हैं. छह भागीदार बैंक स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, साउथ इंडियन बैंक तथा सिंडिकेट बैंक हैं.
ऑनलाइन मिलेंगे सवालों के जवाब
पीएफआरडीए के चेयरमैन ने कहा कि ऑनलाइन सुविधा से पीएफआरडीए को बड़े तबके तक पहुंचने में मदद मिलेगी और साथ ही वह लोगों के सवालों का जवाब देकर उसकी मदद करेगा. पीएफआरडीए के आंकड़ों के मुताबिक 31 अक्टूबर 2015 की स्थिति के अनुसार, 9,380,174 लोग अब तक एनपीएस से जुड़े हैं.