अच्छे दिनों का दावा करने वाली मोदी सरकार के राज में आम आदमी को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है. पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी को अब पेट्रोल और डीजल के लिए भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी. तेल कंपनियों ने डीजल की कीमत में 50 पैसे और पेट्रोल में 1.69 रुपये का इजाफा किया है. नई कीमतें सोमवार रात से लागू होंगी.
नई दरों के आधार पर दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 73.25 रुपये हो जाएगी वहीं मुंबई में पेट्रोल 81.85 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने इस बढ़ोतरी के लिए इराक गृहयुद्ध और रुपये की कमजोरी को जिम्मेदार ठहाराया है.
कंपनी ने बयान जारी करके कहा है कि मध्य एशिया में अस्थिरता के माहौल के कारण अंतराराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पिछले दो हफ्तों में बढ़ी हैं. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर हुआ है. तेल कंपनियों का घाटा बढ़ गया था इस वजह से पेट्रोल की कीमत में 1.69 रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला किया गया है. यह वृद्धि राज्यों में लगने वाले बिक्री कर अथवा वैट के अतिरिक्त है. वैट सहित विभिन्न शहरों में ईंधन के दाम में वृद्धि अलग-अलग हो सकती है.
दिल्ली में पेट्रोल का दाम इस वृद्धि पर वैट सहित 2.02 रुपये बढ़कर 73.58 रुपये लीटर होगा. इसी प्रकार डीजल का दाम 56 पैसे बढ़कर 57.84 रुपये लीटर होगा. पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी इंडियन ऑयल कापरेरेशन ने विज्ञप्ति जारी कर कहा, ‘पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अशांति की वजह से पिछले दो सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.’ डीजल के दाम में 0.50 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि पिछली यूजीए सरकार के जनवरी 2013 के निर्णय के अनुसार की गई है. पिछली सरकार ने सब्सिडी समाप्त करने के लिये डीजल के दाम में हर महीने छोटी-छोटी वृद्धि करने को मंजूरी दी थी.
इंडियन ऑयल ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल के दाम हाल में चार डॉलर प्रति बैरल से अधिक बढ़ गये हैं और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में भी गिरावट आई है. दोनों के मिले जुले असर से पेट्रोल के दाम में 1.69 रुपये लीटर की वृद्धि करनी पड़ी, यह वृद्धि राज्यों में लगने वाले शुल्क के अतिरिक्त होगी.’ डीजल वृद्धि के मामले में इंडियन ऑयल ने कहा कि जनवरी 2013 के बाद 17 बार दाम बढ़ाने के बावजूद तेल कंपनियों को 3.40 रुपये का नुकसान हो रहा है. इससे पहले यह नुकसान 2.80 रुपये लीटर पर था. डीजल के अलावा तेल कंपनियों को राशन में बिकने वाले मिट्टी तेल पर प्रति लीटर 33.07 रुपये और 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 449 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
इंडियन ऑयल की विज्ञप्ति में कहा गया है कि पेट्रोलियम पदार्थों की मौजूदा कीमतों के हिसाब से तीनों तेल कंपनियों (आईओसी, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम) को चालू वित्त वर्ष 2014-15 में कुल 1,07,850 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. इसमें 56,550 करोड़ रुपये अकले इंडियन ऑयल के हिस्से में होगा. कंपनी ने कहा है कि वह लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नजर रखे हुए है. कच्चे तेल के दाम और डॉलर-रुपये विनिमय दर में होने वाले बदलाव की झलक भविष्य में तय होने वाले दाम में दिखाई देगी.