आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि मुद्रास्फीति को छोड़कर विकास पर ध्यान केंद्रित नहीं किया जा सकता. यह बात गवर्नर के तौर पर अपना कार्यकाल जारी ना करने की इच्छा जताने के दो दिन बाद राजन ने कही है.
आलोचकों को दिया जवाब
रघुराम राजन ने महंगाई को काबू करने के लिए अपनाई गई मौद्रिक नीति का बचाव किया. टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च में एक भाषण के दौरान राजन ने ब्याज दर अधिक रखने के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि महंगाई और ब्याज दरों को एक साथ कम नहीं रखा जा सकता.
मौद्रिक नीति समिति का किया समर्थन
RBI स्टाफ को अपने खुले खत में राजन ने कहा कि ब्याज दर तय करने और बैंकिंग सेक्टर के लिए मौद्रिक नीति समिति का गठन जैसे बदलाव का असर दिखाई दे रहा है. इसके कई फायदे आने वाले वक्त में नजर आएंगे.
सितंबर में समाप्त हो रहा राजन का कार्यकाल
आरबीआई गर्वनर के तौर पर राजन का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है. कार्यकाल जारी ना रखने की राजन की घोषणा के बाद विवाद जारी है.