केंद्रीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी कर्ज नीति में कोई बदलाव नहीं किया है. रेपो रेट 7.5 फीसदी बरकरार रखी गई है. यानी फिलहाल आपके घर की ईएमआई में कोई बदलाव नहीं आएगा. सूत्रों के मुताबिक, खाद्य महंगाई दर और मौसम की मार जैसे कुछ तथ्यों को ध्यान में रखते हुए बैंक ने यह फैसला किया है.
Policy Repo rate under the liquidity adjustment facility (LAF) unchanged at 7.5 per cent: RBI
— ANI (@ANI_news) April 7, 2015
Cash reserve ratio (CRR) of scheduled banks unchanged at 4.0 per cent of net demand and time liability (NDTL): RBI
— ANI (@ANI_news) April 7, 2015
रिजर्व बैंक मंगलवार को 2015-16 की प्रथम द्विमाही मौद्रिक नीति समीक्षा का ऐलान किया. इससे पहले ही ब्याज दरों में बदलाव न किए जाने की संभावना जताई जा रही थी. समीक्षा से पहले ही कार्वी समूह के फंडामेंटर रिसर्च खंड के प्रमुख जगन्नाधम थुनुगुंटला ने कहा था, 'इस बार गवर्नर रघुराम राजन दरों को जस का तस छोड़ सकते हैं. अभी निगाह देश के बाहर के घटनाक्रमों और ब्याज दर बढ़ाने की अमेरिकी फेडरल रिजर्व की योजना पर रहेगी.'रेपो दर वह दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से छोटी अवधि के लिए कर्ज लेते हैं. जियोजीत बीएनपी पारिबास के उपाध्यक्ष गौरंग शाह ने भी संभावना जताई थी कि कटाई के समय बेमौसमी बारिश के कारण फसलों की व्यापक तबाही के कारण खाद्य महंगाई बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. इसलिए दरों में कटौती की संभावना नहीं है.
2013 के बाद से अब तक सीआरआर चार फीसदी बरकरार है. आरबीआई ने हालांकि फरवरी 2015 में एसएलआर में 50 आधार अंकों की कटौती की थी.